What is Data Center: ओपनएआई ने भारत में अपना डेटा सेंटर स्थापित करने का प्लान बनाया है। लोगों को डेटा यूज तो करना पता है, लेकिन अधिकतर नहीं जानते कि डेटा सेंटर क्या होता है और उनके किस काम का है। आइए, जानते हैं कि डेटा सेंटर क्या है और किस काम का है।
OpenAI ने भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। AI और तकनीक के क्षेत्र में भारत के लिए यह आगे बढ़ने का एक मौका है, खासकर तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों को अपने देश तक ही सीमित रहने जैसी बातें कही हैं। बहरहाल, डेटा सेंटर के स्थापित होने की खबर के बीच ये जान लें कि डेटा सेंटर क्या होता है , कैसे काम करता है और इससे फायदा क्या है? साथ ही इससे पानी की खपत भी बढ़ेगी, उसके बारे में भी जान लेते हैं।
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डेटा सेंटर क्या है ? ( What is Data Center )
डेटा को स्टोर करने, उसे प्रोसेस करने और मैनेज करने के लिए डेटा सेंटर होता है। इसमें कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर, स्टोरेज डिवाइस और नेटवर्किंग डिवाइस होते हैं, जो डेटा को सेफ रखने का काम करते हैं। इसको यूं समझें कि जैसे लाइब्रेरी में किताबें व्यवस्थित ढंग से जमाई और रखी जाती हैं, लोग यहां किताबें पढ़ने या उधार लेने आते हैं, वैसे ही डेटा सेंटर में डेटा को सर्वर पर स्टोर किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो डेटा सेंटर वह जगह है, जहां इंटरनेट की दुनिया का सारा डेटा जैसे- वेबसाइट्स, ऐप्स, वीडियो, फोटो, ईमेल स्टोर होता है।
डेटा सेंटर कैसे काम करता है How Does A Data Center Work
डेटा सेंटर को एक बड़े से क्षेत्र में भौतिक रूप से बनाया जाता है बहुत सारे तकनीकी उपकरणों का उपयोग करके एक डेटा सेंटर का निर्माण किया जाता है नीचे चरण – दर – चरण बताया गया है की डेटा सेंटर कैसे काम करता है जिससे आपको समझने में आसानी होगी :-
डेटा स्टोरेज :- डेटा सेंटर में बहुत सारे स्टोरेज डिवाइस जैसे हार्ड ड्राइव, ऑप्टिकल डिस्क इत्यादि लगे होते हैं जो डेटा को सुरक्षित रूप से संग्रहित करते हैं |
सर्वर्स :- डेटा सेंटर में सर्वर्स की अहम भूमिका होती है बहुत सारे कंप्यूटर को सर्वर्स कहते हैं जिसमें डेटा को संसाधित यानी एक स्थान से दूसरे स्थान में भेजा जाता है |
नेटवर्किंग सिस्टम :- नेटवर्किंग सिस्टम के माध्यम से डेटा सेंटर को इंटरनेट एवं अन्य नेटवर्कों से जोड़ा जाता है जिससे उपयोगकर्ता तक डेटा पहुंच सके और यह डेटा सेंटर की एक महत्वपूर्ण कड़ी है जिसके माध्यम से ही डेटा स्थानांतरित किया जाता है |
अधिक मात्रा में ऊर्जा का उपयोग :- डेटा सेंटर को नियंत्रित करने के लिए 24/7 बिजली की आवश्यकता होती है क्योंकि अगर अधिक मात्रा में ऊर्जा न मिले या बिजली की सेवा बंद हो जाये तो इंटरनेट भी चलना बंद हो जायेगा और उपयोगकर्ता तक डेटा नहीं पहुंच पायेगा इसलिए डेटा सेंटरों में ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग किया जाता है |
कूलिंग नियंत्रण :- डेटा सेंटर में बहुत सारे डिवाइस लगे होते हैं और वह 24 घंटे अपना काम करते रहते हैं जिससे हीटिंग की समस्या हो जाती है यही कारण है की डेटा सेंटर में सर्वर और अन्य डिवाइस को ठंडा रखा जाता है |
कड़ी सुरक्षा :- चूँकि डेटा सेंटर में सभी उपयोगकर्ता के डेटा मौजूद होते हैं इसलिए इसे अधिक सुरक्षित रखा जाता है जिससे कोई अन्य हमलावर, हैकर एवं अनधिकृत यूजर न पहुंच सके इसलिए डेटा सेंटर को सुरक्षित करने के लिए कई सारे सीसीटीवी कैमरे, फायरवॉल, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इत्यादि का उपयोग किया जाता है |
तो इस प्रकार से डेटा सेंटर काम करता है एक डेटा सेंटर में बहुत सारे कम्प्यूटर्स, स्टोरेज सिस्टम का उपयोग किया जाता है और कड़ी से कड़ी सुरक्षा मौजूद होती जिससे सभी उपयोगकर्ता के डेटा सुरक्षित रहे |
आपके किस काम का है डेटा सेंटर? (What is Use of Data Center)
डेटा सेंटर का सर्वर 24/7 काम करते हैं ताकि दिन की जिस भी घड़ी आप अपने फोन पर यूट्यूब वीडियो या नेटफ्लिक्स देखें, गूगल पर कुछ सर्च करें तो आपको तुरंत जानकारी मिल जाए। जब भी आप नेटफ्लिक्स पर मूवी देखते हैं, तो वह मूवी डेटा सेंटर के सर्वर से आपके डिवाइस पर स्ट्रीम होती है। ऑनलाइन शॉपिंग में आप जो प्रोडक्ट देखते हैं, उसकी जानकारी डेटा सेंटर में स्टोर होती है। आमतौर पर लोग अपनी फोटो Google Photos में या डेटा Google Drive में सेव करते हैं। अब सवाल ये है कि डेटा आपके फोन में तो सेव नहीं है, फिर कहां सेव है? इसका जवाब है- ‘डेटा सेंटर’।
डेटा सेंटर में पानी की खपत खूब
डेटा सेंटर में बिजली की खपत खूब है। हालांकि, आजकल ग्रीन डेटा सेंटर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। ये डेटा सेंटर सोलर या विंड एनर्जी पर काम करते हैं। डेटा सेंटर में फाइल्स स्टोर करने के लिए बहुत सारे पानी का इस्तेमाल होता है। यह पानी डेटा सेंटर के सर्वर को ठंडा करता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग और साइंस विभाग ने बताया कि 1 मेगावाट का छोटा डेटा सेंटर हर साल 2.6 करोड़ लीटर पानी इस्तेमाल करता है। OpenAI भारत में जो डेटा सेंटर स्थापित करने वाला है, वह 1 गीगावाट की क्षमता वाला हो सकता है।