इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम क्या है (What is Integrated Farming System in hindi )

what is Integrated Farming System in hindi । एकीकृत कृषि प्रणाली pdf

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है. इस लक्ष्य को हासिल करने में कृषि क्षेत्र भी बड़ा योगदान दे सकता है

भारत जैसे कृषि प्रधान देश की बढ़ती हुई जनसंख्या एवं कृषि योग्य भूमि की घटती हुई उपलब्धता एक गंभीर समस्या है। वहीं दूसरी ओर कृषि लागत में वृद्धि, फसलों पर कीटो व रोगों का अत्यधिक प्रकोप एवं उत्पादित कृषि उपज का उचित मूल्य न मिल पाने की वजह से किसानों का कृषि से मोह भंग होना एक आम बात हो गई है। ऐसे में छोटे व मझोले किसानों किसान इंटीग्रेटेड फार्मिंग को अपनाए. एक ही किसान अपने खेत पर कई तरह के कार्य कर ना केवल अपनी आय में इजाफा कर सकता है बल्कि देश की प्रगति में भी सहायक बन सकता है . पारिवारिक जरूरतों के साथ ही साथ कृषि से अधिक आय प्राप्त करने के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम को अपनाना होगा जिससे कि किसान कम लागत में अधिक आय प्राप्त कर सकें।

Integrated farming system meaning in hindi : एकीकृत कृषि प्रणाली

What is Integrated Farming System in hindi

क्या है इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम : खेती का यह मॉडल परंपरागत खेती से लिया गया है लेकिन आधुनिक चमक दमक के जमाने में इसे भुला दिया गया. इस सिस्टम से खेती को एक नए आयाम दिया जा सकता है. इस मॉडल से किसान सालभर आमदनी ले पाता है. इस प्रणाली में एक घटक दूसरे घटक के परिपूरक होते हैं यानि एक घटक दूसरे घटक के उपयोग में लाया जा सकता है और आमदनी को बढ़ाया जा सकता है. उदाहरण के रूप में अगर मुर्गीपालन करते हैं तो पोल्ट्री (Poultry) की बीट को मछलियों को खिला कर मत्स्य पालन को बढ़ावा दे सकते हो और मुर्गीयों की आहार व्यवस्था खेती से होने वाले उत्पाद जैसे मक्का, गेहूं, बाजरा आदि से आसानी से की जा सकती है.   

इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम के सिद्धांत

How Integrated Farming System works : इंटीग्रेटेड फार्मिग सिस्टम यानी एकीकृत कृषि प्रणाली विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए है. बड़े किसान भी इस प्रणाली के जरिए खेती कर मुनाफा कमा सकते हैं. एकीकृत कृषि प्रणाली का मुख्य उदेश्य खेती की जमीन के हर हिस्से का सही तरीके से इस्तेमाल करना है. इसके तहत आप एक ही साथ अलग-अलग फसल, फूल, सब्जी, मवेशी पालन, फल उत्पादन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन इत्यादि कर सकते हैं. इससे आप अपने संसाधनों का पूरा इस्तेमाल कर पाएंगे. लागत में कमी आएगी और उत्पादकता बढ़ेगी. एकीकृत कृषि प्रणाली पर्यावरण के अनुकूल है और यह खेत की उर्वरक शक्ति को भी बढ़ाती है.

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एकीकृत कृषि प्रणाली के लाभ

Benefits of Integrated Farming System : किसानों को कई तरह के लाभ होते हैं…

increase Quality of product and Field

पशुओं और फसलों से प्राप्त अवशेष को खाद में बदलकर मिट्टी को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम के साथ-साथ बहुत से सूक्ष्म पोषक तत्वो (Micro nutrients) की पूर्ति की जा सकती है. जिससे मिट्टी में सुधार होने के साथ साथ मिट्टी की उत्पादन क्षमता बढ़ती है.

अपशिष्ट पदार्थों के फिर से इस्तेमाल करने से उर्वरकों का उपयोग कम किया जा सकता है जिससे मिट्टी की संरचना में सुधार के साथ साथ पर्यावरण में सकारात्मक असर पड़ता है.

बाजार से प्राप्त मिलावटी खाद्य पदार्थ से भी कुछ हद तक निर्भरता घट जाती है तथा भोजन और पौष्टिक आहार की घरेलू आवश्यकता पूरी की जा सकती है.

Decrease Expenses

  • एकीकृत कृषि प्रणाली में फसल और इससे तालुक रखने वाले घटको से उपज और घर की इकोनॉमी को बढ़ावा दिया जा सकता है.
  • यह प्रणाली या मॉडल खेतों के स्तर पर फसलों के अवशेष (Crop residue) को खाद या चारे में बदलकर दूसरे घटक को मजबूत बनाती है.

Increase Income and Business Options

  • इस प्रणाली से खेती की लागत को बहुत कम करके अधिक मुनाफा लिया जा सकता है.
  • खेती के साथ-साथ अन्य काम जैसे गोबर खाद, केंचुआ खाद ( Vermi compost), पुष्प उत्पादन, मधुमक्खी पालन (Bee kipping), अंडा बिक्री, दूध उत्पादन आदि को अपनाने से मजदूरी की माँग उत्पन्न होती है. जिससे पूरे साल परिवार के सदस्यों को काम मिलता है और उन्हें खाली नहीं बैठे रहना पड़ता और परिवार को अतिरिक्त आमदनी और रोजगार मिलता है.
  • वर्षा जल को संग्रहण कर उनका उपयोग पशुओं और फसलों में किया जा सकता है. इन्हीं जल संरचना में मछली पालन या बत्तख पालन भी किया जा सकता है.

Low Risk

एकीकृत खेती अपनाने का एक बड़ा फायदा यह है कि यदि किसी वजह से (मौसम से फसल बर्बाद या पशु मृत्यु) एक काम से आय नहीं भी होती है तो दूसरे काम से गुजारा चलाया जा सकता है यानि पशु पालन ( Animal husbandry ), मुर्गी पालन, या अन्य पालन से भी आमदनी आ जाती है. खासतौर पर बाजार में मंदी और प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न खतरों से बचाव में भी मदद मिलती है.

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