बकरी पालन व्यवसाय को कैसे शूरू करें | how to start goat farming in hindi)

बकरी पालन व्यवसाय को आप बहुत ही कम लागत में शुरू कर सकते हो. अधिकतर गोट फार्मिंग को कृषि से जुड़े हुए लोग करते है. बकरी पालन का व्यवसाय बहुत ही पुराना व्यवस्था है. बहुत सारे किसान बकरी पालन से कमाई कर रहे है आज के जमाने में बकरी पालन शुरू करके बहुत अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. एक
अकड़े के मुताबिक हमारे देश में लगभग बकरियों की संख्या 25.6% है. जिससे यह पता चलता है कि कितने लोग बकरी पालन से कमाई कर रहे हैं.

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Goat Farming Business

यदि आप किसी बिजनेस की तलाश में हो या गावा में रहकर बिजनेस करना चाहते हो तो आप के लिए बकरी पालन का व्यवसाय बहुत बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. एक ऐसा बिजनेस है जिससे आप गाव मे रहकर भी बहुत अधिक मुनाफा कामा सकते हो. क्या आप बकरी पालन से कमाई करना चाहते हो तो हमारे साथ अंत बने रहे आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बकरी पालन की पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक बताएंगे.

बकरी पालन

बकरी पालन मे लाभ( benefits of goat farming)

बकरी पालन से बहुत सारे लाभ होते जिसमे से कुछ निम्न बिन्दु मे दर्शाए गए है

  • गोट फार्मिंग के लिए अधिक स्थान की आवश्यकता नहीं होती है और इसे कम लागत में शुरू किया जा सकता है.
  • बकरियां आकार मे छोटी होती है. इसीलिए इसका पालन घर की महिला भी कर सकती है.
  • सटीक सावधानी बरतने पर बकरियों को बीमारी से बचाया जा सकता है. निर्बल वर्ग हो या भूमिहीन, बकरी पालन इनका का मुख्य स्त्रोत है यही कारण बकरी को गरीब की गाय भी कहा जाता है.
  • बकरियों को खुले चारगाह मे चरने के लिए भी ले जाया जा सकता है. जिससे इनको पालने का खर्च कम आता है. कहने आशय यह है कि जितना खर्च एक भैंस पालने में आता है उतना ही खर्च में तीन चार बकरियों को पाला जा सकता है. इसीलिए इसे कम पूंजी वाला व्यक्ति भी शुरू कर सकता है.
  • दूध के उत्पादन के लिए बकरी पालन किया जाता है. भारत में जमुनापुरी, बारबरी व बीटल नस्ल की बकरियां दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है. भारत में कुल उत्पादन में से 3% दूध बकरियों से प्राप्त होता है.
  • बकरी का दूध आसानी से पचाया जा सकता है. यह दूध रोगियों व शिशु को भी दिया जाता है. बकरी का दूध डेंगू बीमारी के लिए बहुत ही कारगर साबित होता है. इसे पिलाना से डेंगू की बीमारी से छुटकारा मिल सकता है.
  • बकरी के चमड़े का उपयोग चमड़ा उद्योग कच्चे माल के रूप में किया जाता है. इससे कई चीजें बनाई जाती हैं जैसे पर्स, बेल्ट, जैकेट, फैंसी बैंक आदि बनाए जाते हैं. इसका निर्यात करके भी देश को आर्थिक लाभ होता है‌.
  • पश्चिम बंगाल के काला बंगाल नस्ल का चमड़ा विश्व विख्यात है.
  • गोट फार्मिंग मे बकरी के मल मूत्र को खाद के रूप में उपयोग में लिऐ जाता है इसमें उपलब्ध नाइट्रोजन पोटास और फस्फोरस जमीन को उर्वरक प्रदान करता है.
  • बकरियों की रोग प्रतिरक्षक क्षमता अन्य पशुओं के मुकाबले कई गुना अधिक होती है. इसलिए बकरियां बीमार भी कम होती है और इनकी मृत्यु भी कम होती है.
  • इनके भोजन का प्रतिबंध करने में भी कोई समस्या नहीं आती है यह छोटी छोटी घास की पत्तियां, झाड़ियां, सब्जियों के पत्ते आदि का सेवन कर लेती है.

बकरी पालन व्यवसाय कैसे शुरू करें ( how to start goat farming in hindi)

बकरी पालन से कमाई करने के लिए निम्न बिंदुओं को फॉलो करके बकरी पालन के बारे में पूरी जानकारी ले सकते हो.

बकरी पालन के लिए जगह का चुनाव( goat farming for place)

गोट फार्मिंग के लिए सबसे पहले जगह की आवश्यकता होगी. यदि आप बकरी पालन बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हो तो आपको थोड़ी बड़ी जगह की आवश्यकता होगी. जगह का चुनाव आपको गांव या शहर के बाहर ही करना होगा. क्योंकि जानवरों को शांत जगह ही अच्छी लगती है. साथ ही आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि जिस जगह का चयन आप कर रहे हो उसके आसपास पेड़ पौधे हो. ताकि जानवर को भोजन के लिए आपको दौड़ भाग नहीं करनी पड़े और आसानी से उन्हें भोजन प्राप्त हो सके.
अब आपके मन के मन में यह सवाल आता होगा कि हमें जगह का चुनाव तो कर लेना है. लेकिन इसके लिए हमें कितनी जगह की आवश्यकता होगी. तो हम आपको बता देंगे की इसे आप 2 तरीकों से कर सकता हो.

छोटे स्तर पर: छोटे स्तर पर शुरू करने के लिए आपको कम खर्च और कम पूंजी की आवश्यकता होगी. इसके लिए आप कम से कम 40 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होगी. जिसमें आप 4-5 बकरी रख कर गोट फार्मिंग को आसानी से शुरू कर सकते हो. जैसे-जैसे आपको इस व्यवसाय में प्रॉफिट होता जाए वैसे आप अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हो.

बड़े स्तर पर: बड़े स्तर पर शुरू करने के लिए आप को अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी. जिसके लिए आपको अधिक जगह की जरूरत होगी. यदि हम जगह की बात करें तो इसके लिए आपको कम से कम 1000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होगी. इसके अलावा बड़े स्तर पर बकरी पालन शुरू करने के लिए आपको ऐसी जगह का चयन करना है. जहां पर अधिक मात्रा में पेड़ पौधे हो जिससे बकरियों को भोजन आसानी से प्राप्त हो सके.

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बकरी पालन व्यवसाय में बकरी की नस्ल का चुनाव करें (
Goat farming, selection goat breed )

बकरी पालन से कमाई करने के लिए बकरी की नस्ल का चुनाव करना बहुत आवश्यक है. दोस्तों भारत में कई तरह की नस्ल पाई जाती है कोई दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है तो कोई मास के लिए पहचानी जाती हैं.
हर कोई नस्ल की बकरियां लाभदायक नहीं होती. इसलिए हमें सबसे पहले हमारे क्षेत्र के वातावरण का मूल्यांकन कर लेना है. फिर उसके हिसाब से हमें बकरी की नस्ल का चुनाव करना होगा.
यदि आप दूध उत्पादन के लिए गोट फार्मिंग करना चाहते हो तो आप मेहसाना,सुरती, जखरना, मलाबरी आदि मे से किसी एक नस्ल का चुनाव कर सकते हो.
लेकिन यदि आप मास का उत्पादन करना चाहते हो आप बंगाल गोट ,असम हील गोट जैसी नस्ल का चुनाव कर सकते हो.

बकरी पालन व्यवसाय मे बकरियों के लिए चारा ( goat farming Fodder for goats in)

बकरी को सेहतमंद रखने के लिए उसके लिए खाने का प्रबंध करना होगा जैसे

  • बकरियों को खाने के लिए भूसा देना होगा और साथ ही कुछ दाने का भी उपयोग कर सकते हो.
  • बकरियों को दिन में दोपहर के समय खेत पर घास खाने के लिए ले जानी चाहिए जिससे उन्हें हरी घास भी मिल जाती हैं और चलने से उनके परे और शरीर को मजबूती मिलती हैं.
  • बकरियों को भोजन में दिन में एक बार हरे चारे का उपयोग करें ताकि उनके पाचन और स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहे.
  • खाने के साथ-साथ दिन में दो से तीन बार बकरियों को पानी पिलाना होगा.

बकरियों का रोग निवारण एवं टीकाकरण ( Disease Prevention and Vaccination)

बकरी पालन से कमाई करने के लिए बकरियो को बीमारियों से बचाना होगा. जिनमें से कुछ बीमारी को नीचे निम्न बिंदुओं में दर्शाया गया है.

पाॅंव और मुंह के रोग: बकरियों को ज्यादा पाॅंव और मुंह का रोग होता है. इस रोग से बचाने के लिए टीकाकरण करवाना होगा. इस रोग का टीकाकरण बकरियों को 3 से 4 महीने की आयु के दौरान लगाया जाता है. इस वैक्सीन के 4 महीने बाद बूस्टर देने की आवश्यकता होती है और 6 महीने के बाद वापिस इसी वैक्सिंग को डबल लगाया जाता है.

गोट प्लेग ( पीपीआर): बकरियों के लिए गोट प्लेग बहुत खतरनाक बीमारी है. इस बीमारी से बड़ी मात्रा में बकरी की मृत्यु हो सकती हैं. इस बीमारी से बकरियों को बचाने के लिए वैक्सीन लगानी होगी. पहला वैक्सिंग 4 महीने की आयू में देना होता है, और उसके बाद बकरियों को चार चार वर्ष के अंतराल में यह वैक्सीन लगानी है.

गोट पाॅंक्स : गोट पाॅंक्स भी बहुत खतरनाक रोग है. इस रोग से बचाने के लिए बकरियों को 3 से 5 महीने की आयु में पहली वैक्सीन लगानी होगी. उस के बाद यह वैक्सीन प्रतिवर्ष देनी होगी.

होमोरेगिक सेप्टिसेमिया : यह बीमारी बहुत बड़ी नहीं है. लेकिन फिर भी बकरियों को कुछ हानि पहुंचा सकती हैं. इस रोग से बचने के लिए बकरि के जन्म के 3 से 6 महीने के अंदर पहली वैक्सीन लगानी होगी. उसके बाद इसे मानसून के पहले प्रति वर्ष वैक्सीन लगानी होगी.

एंथ्रेक्स : यह बहुत बड़ा घातक रोग है. जो जानवरों से व्यक्तियों के बीच भी आ सकता है. इस रोग से बचाने के लिए पहला वैक्सीनेशन 4 से 6 महीने की उम्र में लगाया जाता है. उसके बाद यह वैक्सीन प्रतिवर्ष एक बार देनी होती है.

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बकरियों के प्रजनन का सही समय ( Right time for breeding goats)

बकरी को 15 से 18 महीने की आयु में गर्भित करना ठीक माना जाता है. अच्छी देखभाल करने से बकरियों का वजन इस समय 21 से 24 किलो का हो जाता है. कम वजन की बकरियां का गर्भित होना हानिकारक माना जाता है. इसी वजह से गर्भित काल बकरी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु की संभावना हो सकती हैं.
पकरी जब गर्भ होने लगे तो उसे 12 से 24 घंटे के भीतर बकरे के पास छोड़ देना चाहिए. जिससे बकरी को गर्भ धारण करने में आसानी हो.
बकरी 6 से 7 महीने में बच्चा पैदा करती हैं और एक साथ दो से तीन बच्चे पैदा करती हैं.

बकरी पालन व्यवसाय मैं लागत ( goat farming Cost)

बकरी पालन छोटे स्तर पर शुरू करना चाहते हो तो आपको कम पूंजी की आवश्यकता होगी यानी 30 से 40 हजार रुपए में आप इस व्यवसाय को शुरू कर सकता हो.

लेकिन यदि आप गोट फार्मिंग को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हो तो आपको अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी. जिसमे आप का खर्च भी अधिक लगे गा जैसे:

  • बड़े फर्म का निर्माण का खर्च.
  • बकरियों को खरीदने का खर्च.
  • बकरियों के लिए खाने का प्रबंध करने का खर्च.
  • बकरियों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों को वेतन.
  • बकरियों का समय-समय पर उपचार करवाने का खर्च.
  • बिजली और पानी का खर्च आदि का खर्च मिला कर आप को 2.5 से 3 लाख रुपए की आवश्यकता होगी. जिसमें आप छोटे स्तर के मुकाबले अधिक लाभ कमा सकते हो.

बकरी पालन व्यवसाय में सरकार की तरफ से सहायता ( Government assistance in goat farming business)

बकरी पालन व्यवसाय में सरकार की तरफ से कृषि और पशुपालन को बढ़ाने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती है. जैसे हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री भेड़ पालक उत्थान योजना चलाई है. इस प्रकार आप भी अपने राज्य में चल रहे योजना का पता लगाकर लाभ उठा सकते हो. इसके अलावा नाबार्ड की तरफ से भी सहायता ले सकते हो नाबार्ड में आवेदन देकर ऋण और सब्सिडी प्राप्त कर सकत हो.

बकरी पालन व्यवसाय के लिए लोन ( goat farming loan )

बेरोजगारी को दूर करने के लिए बकरी पालन को अच्छा व्यवसाय माना गया है. यदि आप भी बकरी पालन व्यवसाय शुरू करना चाहते हो और आपके पास पर्याप्त राशि नहीं है. तो आप बैंक से लोन लेकर भी इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हो. बैंक से लोन लेने के लिए आपको निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी. जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, आवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भारत के किसी भी बैंक में खाता, 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट, बकरी पालन प्रोजेक्ट रिपोर्ट, भूमि पर मालिकाना अधिकार प्रमाण पत्र, आदि दस्तावेजों को लेकर आप अपने नजदीकी बैंक में बकरी पालन योजना के तहत आवेदन कर सकते हो. जहा से आपको बहुत ही कम ब्याज दरों में लोन प्राप्त हो जाएगा.

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बकरी पालन व्यवसाय में जरूरी बातें ( goat farming Important things )

बकरी पालन से कमाई करने के लिए आप को कुछ निम्न बातों को ध्यान में रखना होगा

  • यदि बकरी पालन व्यवसाय बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हो तो आपको इसके लिए प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता होगी. जिससे आप आधुनिक तरीके से कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकता हो. कई सरकारी एवं प्राइवेट संस्था इसके लिए ट्रेनिंग प्रोवाइड करवाती हैं. लेकिन इसके लिए आपको कुछ पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.
  • प्रशिक्षण लेने के बाद गोट फार्मिंग के लिए आपको भूमि की आवश्यकता होगी. लेकिन इसके लिए आपको जगह का चुनाव शहर या गांव से बाहर करना होगा.
  • भूमि का चयन करने के बाद बकरियों के लिए फॉर्म निर्माण करने की आवश्यकता होगी. जिसमें आपको फार्म निर्माण करते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि हर एक बकरी को रहने के लिए उपयुक्त जगह मिल सके.
  • बकरियों को समय-समय पर प्रशिक्षण करवाते रहे हैं. जिससे आपको पता चल जाएगा कि अपनी बकरियां ठीक है या नहीं.
  • और बकरियों को समय-समय पर नहलाना भी होगा जिससे बकरियां स्वस्थ रहें.
  • बकरियों के फार्म में दिन में दो बार आपको साफ सफाई करवानी होगी. जिससे आपका फार्म गंदा नहीं होगा और बीमारी आने के चांसेस कम रहेंगे.

बकरी पालन से कमाई ( goat farming frofit)

छोटे स्तर पर बकरी पालन से कमाई की बात करे तो आप 1 से 2 लाख का मुनाफा कमा सकते हो. लेकिन यदि आप बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हो. उस मे आप 3 से 4 लाख का मुनाफा कमा सकते हो. यह लाभ प्रति वर्ष बढ़ता रहेगा बकरियां जितनी अधिक बच्चे पैदा करेगी आप उतना अधीक मुनाफा कमा सकते हो.

FAQ

एक बकरी पालने में कितना खर्चा आता है ?

एक बकरी पालन मे 8 से 10 रूपए प्रति दिन का खर्च आता है.

कम खर्च मे बकरी पालन केसे करे ?

सबसे पहले आप को 40 वर्ग फुट कमरे में बकरी का सेड बनाकर 4 से 5 बकरियां को पाल कर बकरी पालन शुरू कर सकते हो.

बकरी कितने महीने में बच्चे देती है ?

एक बकरी 6 से 7 महीने में बच्चा देती है.

बकरी पालन व्यवसाय में लाभ ?

छोटे स्तर पर शुरू करके आप 1 से 1.5 लाख रुपए का मुनाफा कमा सकते हो और वही यदि बड़े स्तर पर शुरू करते हो तो 2 से 3 लाख का मुनाफा कमा सकते हो

जमुनापारी बकरी एक साल में कितने बच्चे देती है ?

जमुनापारी बकरी एक साल में एक ही बार एक या दो बच्चे देती है.

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