ड्रॉपशिप्पिंग क्या है  | ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस कैसे स्टार्ट करे

जिस तरह से इंटरनेट आज प्रगति कर रहा है उसी के अनुरूप नए नए कमाई करने के रास्ते खुलते जा रहे है और जो भी लोग इन अवसरों को पहचान कर के आगे बढ़ रहे है वो सफलता की नई उचाईया को छू रहे है | इंटरनेट के आने के बाद हमारे सामने ऑनलाइन घर पर बैठे कमाई करने के ढेरो रास्ते खोल कर रख दिए है जिससे हम पार्ट टाइम या फुल टाइम इनकम कर सकते है | 

ऐसा ही एक ऑनलाइन कमाई करने का तरीका है dropshipping का , ये एक आजकल चलने वाला बहुत अच्छा बिज़नेस मॉडल है जिसे हम घर पर रह कर ऑनलाइन अच्छी खासी इनकम कर सकते है इस सब के लिए हमे Dropshipping kya hai और Dropshipping business kaise start kare इसके अलावा dropshipping का बिज़नेस मॉडल क्या है इन सब के बारे में अच्छे से जान लेना चाहिए | इस ब्लॉग में आप को इसके बारे में dropshipping business के बारे पूरी जानकारी विस्तार से मिलेगी तो आप इसे पूरा पढ़े | 

Contents

Dropshipping kya hai

ड्रॉपशिप्पिंग एक ऐसा बिज़नेस होता है जिसमे हम ऑनलाइन शॉप ओपन करते है इसमें हम प्रोडक्ट को रखते है उन्हें अपनी मर्जी की प्राइस पर सेल करते है और प्रॉफिट कमाते है लेकिन इसकी जो खास बात है वो ये है की न तो इसमें प्रोडक्ट हमारे होते है न ही जो आर्डर हमे प्राप्त हुए है उन्हें हम नहीं बल्कि हमारे नाम से कोई और भेजता है | यानि हमे सिर्फ आर्डर लाना है बाकि सारा काम कोई और करता है | 

है ना एक कमाल का बिज़नेस आईडिया न कोई इन्वेंटरी रखने की जरूरत न ही आर्डर आने पर पैकिंग कर के शिप  करने की जरुरत बस आर्डर लाओ और पैसे कमाओ | ये मुखयतः चैन मैनेजमेंट सिस्टम है |  

Dropshipping बिज़नेस मॉडल क्या है  ?  What is dropshipping business model 

ड्रॉपशिप्पिंग के बारे में तो हमने जान ही लिया की ये क्या होती है अब इसके बिज़नेस मॉडल के बारे में हमे जानना बेहद जरुरी है क्योकि इसे जाने बिना हम इसे शुरू नहीं कर सकते | 

ड्रॉपशिप्पिंग का बिज़नेस मॉडल बहुत ही सिंपल है इसमें सबसे पहले हमे एक ऑनलाइन स्टोर क्रिएट करना है फिर उस ऑनलाइन स्टोर पर सामान रखने के लिए सामान के सप्लायर की जरुरत है इसलिए फिर हमे सप्लायर चाहिए और एक बार सप्लायर मिल जाये फिर वो जो प्रोडक्ट बेचता है उन सामानो को हमे अपने ऑनलाइन स्टोर पर सेल करने के लिए लिस्ट करना चाहिये | और जो भी आर्डर आएगा ये आर्डर उस सप्लायर के पास जाएगा और आगे उस आर्डर को पूरा करने का काम उस सप्लायर का होता है | 

यानि ये एक chain management system है |  इसमें  कस्टमर और सप्लायर के बीच में हम होते है और आर्डर लेकर प्रॉफिट कमाते है यानि की हमारा सारा समय केवल आर्डर लाने  और अपने ग्राहकों से अच्छे रिश्ते बनाने में ही देना होता है  इससे हम हमारा अच्छा ब्रांड बिल्ड करते है | 

तो यही है ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस मॉडल और इसी में रहकर हम काम करते है और प्रॉफिट कमाते है | ऑनलाइन कमाई करने का यह एक बहुत ही अच्छा तरीका है | 

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  Dropshipping business kaise start kare |  how to start dropshipping business in Hindi 

Dropshipping business kaise start kare अगर इस बारे में हम चर्चा करे तो इसके लिए सबसे पहले हमे चाहिए एक कंप्यूटर और एक इंटरनेट कनेक्शन फिर उसके बाद हमे लेना है एक ऐसा डोमेन जो की हमारे चुने गए प्रोडक्ट केटेगरी के अकॉर्डिंग होना चाहिए इसमें हम कई App प्लेटफार्म (जैसे shopify)की मदद भी ले सकते है जिस पर मंथली सब्सक्रिप्शन ले सकते है और ऑनलाइन शॉप क्रिएट कर सकते है | 

इतना सब करने के बाद हमे जरुरत है एक ऐसे अच्छे सप्लायर की जो की हमे अच्छे और सस्ते प्रोडक्ट्स दे सके और उन्हें टाइम पर सप्लाई भी कर सके | 

जब हमारे सप्लायर भी फाइनल हो जाये तब हमे उनसे मिलने वाले प्रोडक्ट को सेल करने के लिए हमारी ऑनलाइन स्टोर पर लिस्ट करना चाहिए | इसके बाद इसे एक अच्छे प्रॉफिट मार्जिन वाली सेलिंग प्राइस पर बेचने के लिए रख सकते है | बस अब जब भी आर्डर आये उसे सप्लायर तक पहुँचाये और आर्डर से रिलेटेड सारी डिटेल्स अपने कस्टमर तक पहुंचाते रहे अपने कस्टमर को कभी ना छोड़े उससे हमेशा जुड़े रहे | 

इस तरह से हम dropshipping बिज़नेस स्टार्ट कर सकते है और बहुत अच्छा प्रॉफिट कमा सकते है | 

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ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस शुरू करने के लिए जरुरी कागजात  | Required document for drop shipping business 

जैसे की हर बिज़नेस को स्टार्ट करने के लिए हमारे पास कोई लीगल कागज होने जरुरी होते है वैसे ही ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस स्टार्ट करने के लिए भी कुछ कागज जरुरी होते है | 

ये लिस्ट कुछ इस प्रकार से है —

  • GST registration 
  • IEC कोड 
  • करंट बैंक अकाउंट 
  • फ़ूड से रिलेटेड fassi registration 

ये कुछ प्रमुख document है जिन की हमे प्रोडक्ट को सेल करने में जरुरत होती है इसके अलावा जो भी केटेगरी में हम प्रोडक्ट को सेल कर रहे है उससे रिलेटेड जो भी कागज होते है वो हमे बनाने चाहिये | 

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ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस के लिए प्लेटफॉर्म्स  |  Platforms for drop shipping business 

बहुत से ऐसे ऑनलाइन  प्लेटफॉर्म्स है जो की हमे ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस को स्टार्ट करने में हेल्प करते है जहाँ से हम मासिक सब्सक्रिप्शन ले कर हमारी ऑनलाइन ड्रॉपशिप्पिंग की शॉप ओपन कर सकते है इसके अलावा ये प्लेटफॉर्म्स हमारी प्रोडक्ट अपलोड करने में , पेमेंट  गेटवे लगाने में , अपने स्टोर की एडवरटाइजिंग करने में बहुत सी चीज़ो में हेल्प  करते है | कुछ प्लेटफॉर्म्स के बारे में आप को बताता हु —

shopify  

ये एक पूरा यूजर फ्रेंडली ऑनलाइन प्लेटफार्म इसमें सब कुछ बना हुआ तैयार मिलता है  हम अपने अकॉर्डिंग अपनी ऑनलाइन स्टोर के लिए कोई भी थीम सेलेक्ट करे के काम स्टार्ट कर सकते है | इसका कस्टमर सपोर्ट सिस्टम बहुत ही अच्छा है जो की 24 x 7  काम करता है | ये हमे प्रोडक्ट को ऐड करने का , पेमेंट गेटवे का  और उससे रिलेटेड एडवरटाइजिंग का भी solution प्रोवाइड करता है | इसको हम कुछ मंथली सब्सक्रिप्शन फीस देकर एक्टिव कर सकते है | 

Bigcommerce 

ये भी एक पूरा यूजर फ्रेंडली ऑनलाइन प्लेटफार्म है जिसे हम अपनी इच्छा के अकॉर्डिंग कस्टमाइज कर सकते है और प्रोडक्ट को ऑनलाइन सेल करने के लिए हमारी साइट को ऑनलाइन कर सकते है | 

इसपर भी कस्टमर सपोर्ट सिस्टम 24 x 7  काम करता है जिसमे हम मेल, चैट, कॉल और फोरम किसी भी फंक्शन को  उपयोग में लेकर हेल्प मांग सकते है |  

इसके भी मंथली अलग अलग प्लान होते है जिन्हे हम अपनी जरूरतों के अकॉर्डिंग सेलेक्ट कर सकते है और सब्सक्राइब कर सकते है | 

Magneto 

मैग्नेटो एक और अच्छा प्लेटफार्म है जिस की हेल्प लेकर के हम हमारा ऑनलाइन स्टोर क्रिएट कर सकते है | 

इसके अलावा ये फ्री भी है तो हमे पैसे की भी ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है | 

इसमें हमे थोड़ी बहुत कोडिंग की knowledge होना भी जरुरी होता है | बाकि इसमें हेल्प करने के लिए इसके ब्लॉग , यूट्यूब चैनल , कम्युनिटी ग्रुप और इसके डेवलपर हमे मिल जाते है जो की हमे इससे रिलेटेड जो भी प्रॉब्लम हो उसको सॉल्व करने में हेल्प  करते है | 

ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस के लिए निच कैसे सेलेक्ट करे | How to select dropshipping business niche 

ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस को स्टार्ट करना बड़ा आसान है लेकिन इस बिज़नेस को स्टार्ट करने के लिए कुछ बातो को पहले से ही तय करना होता है क्योकि यही से हम इस बिज़नेस की नीव रखते है | 

बाजार में ढेरो प्रोडक्ट हमारे को सेल करने के लिए मिल जायेगे और अब हमे यही तय करना है की हमे अपना स्टोर किस तरह का बनाना है यानि की हमारा स्टोर multi category वाला हो या पर्टिकुलर एक केटेगरी वाला या फिर सिंगल प्रोडक्ट रिलेटेड स्टोर हो बस यही चीज़ हमे सबसे पहले तय करना होता है | 

Multi Category Store – ये एक इस तरह का स्टोर होता है जिसमे बहुत सारी  categories होती है और उन categories में ढेरो प्रोडक्ट सेल करने के लिए होते है | लेकिन इस तरह के स्टोर में beginners को  एंट्री या ओपन नहीं करना चाहिए क्योकि एक तो इतनी सारी categories को मैनेज करना आसान नहीं होता है और दूसरी बात हमे अपने स्टोर पर कस्टमर भी लाने होते है इसलिए इसमें हमे efforts भी बहुत ज्यादा करनी पड़ती है | 

जब हम beginning में होते है तब हमे बहुत सारी बातो की knowledge सही से नहीं होती है और हमारा बिज़नेस फ़ैल हो जाता है | 

सिंगल category स्टोर – इस तरह के स्टोर में केवल एक ही केटेगरी होती है और उससे रिलेटेड प्रोडक्ट ही होते है | अगर हम ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस स्टार्ट कर रहे होते है तो हमे इस तरह के स्टोर के साथ ही हमारा ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस स्टार्ट करना चाहिए | क्योकि इन्हे मैनेज करना आसान होता है और इसके अलावा प्रोडक्ट से related एडवरटाइजिंग करने में भी आसानी रहती है | 

Single Product स्टोर – सिंगल प्रोडक्ट स्टोर में केवल एक ही प्रकार के प्रोडक्ट को सेल करने के लिए रखते है | बस यह स्टोर एक नैरो टार्गेटेड स्टोर होता है इसलिए इसमें जो कस्टमर आते है वो बहुत ही सिलेक्टेड होते है इसलिए इस प्रकार के स्टोर से कमाई कम होती है क्योकि कस्टमर के पास ऑप्शन कम होते है इसलिए वो केवल एक ही प्रोडक्ट को परचेस करता है | 

Niche Selection 

हमे किस केटेगरी या प्रोडक्ट में स्टोर तैयार करना है इसको फाइनल करने के लिए हम एक पर्टिकुलर निच को सेलेक्ट करना पड़ता है | और निच सिलेक्शन का एक बेसिक रूल ये होता है की जो हमे पसंद हो और जिसके बारे में हमे सबसे ज्यादा जानकारी हो बस उसी केटेगरी या प्रोडक्ट को सेलेक्ट करना चाहिये | 

निच सेलेक्शन पॉइंट 

  • हमे उस केटेगरी या प्रोडक्ट में स्टोर ओपन करना चाहिए जिसे हम पसंद करते है 
  • उस केटेगरी के बारे में हमे जानकारी अधिक हो ताकि उससे रिलेटेड जो भी क्वेरी या प्रॉब्लम आये उन्हें हम आराम से सॉल्व कर सके | 
  • हमे निच फाइनल करने से पहले उन केटेगरी या प्रोडक्ट की मार्किट रिसर्च कर लेनी चाहिये क्योकि इससे ये पता चले की उस प्रोडक्ट या केटेगरी की मार्किट में डिमांड कितनी है | नहीं तो कही ये हो जाये की हम जो निच फाइनल करे उसका मार्किट में कोई डिमांड ही ना हो | 

बस इन कुछ टॉपिक को धयान में रखते हुए ही हमे हमारे ड्रॉपशिप्पिंग निच का सिलेक्शन करना चाहिए | 

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ड्रॉपशिप्पिंग के लिए प्रोडक्ट कैसे चुने  | How to choose product in dropshipping business 

ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में निच सिलेक्शन करने के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण चीज़ होती है वो है ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस करने के लिए प्रोडक्ट को चुनने की और किसी भी प्रोडक्ट को सेल करने के चुनना उतना ही महत्व रखता है जितना की एक बिज़नेस का निच सलेक्शन | इसलिए हमे कुछ पॉइंट के आधार पर ही हमारे सेलिंग प्रोडक्ट को चुनना चाहिए —

डिमांडिंग प्रोडक्ट 

जो भी प्रोडक्ट हम चुन रहे है उसका मार्किट में क्या रिस्पांस है यानि इसकी डिमांड कितनी है मार्किट में क्योकि अगर मार्किट में डिमांड ही नहीं होगी प्रोडक्ट की तो उसे चुन कर क्या फायदा इसलिए हमे थोड़ी मार्किट रिसर्च करके अच्छे डिमांडिंग प्रोडक्ट को सेलेक्ट करना चाहिए | 

प्रॉफिटेबल प्रोडक्ट 

मार्किट में जब हम प्रोडक्ट की रिसर्च कर रहे होते है तो हमे उससे होने वाले प्रॉफिट के बारे में पता कर लेना चाहिए ताकि हमारी जो कमाई है वो बहुत अच्छी हो सके | नहीं तो मार्किट में आजकल बहुत ज्यादा competition है इसलिए ऐसे प्रोडक्ट का चुनाव करे जिसमे प्रॉफिट ऑफ़ मार्जिन ज्यादा हो | 

प्रोडक्ट साइज (Product Size)

प्रोडक्ट रिसर्च में प्रोडक्ट की साइज को देखना भी बहुत मैटर करता है |  साइज इसलिए मैटर करता है क्योकि अगर किसी प्रोडक्ट का आकार बड़ा है तो उसे शिप करना बड़ा मुश्किल होता है और शिपिंग का जो चार्ज है वो भी बहुत ज्यादा होता है इसलिए हमारा जो प्रॉफिट है वो तो सारा उसी में ही चला जाता है | और इसके अलावा बड़ा प्रोडक्ट भेजने में भी रिस्क ज्यादा होता है | 

वही अगर प्रोडक्ट का साइज और वेट छोटा और कम होता है तो उसे शिप करना भी आसान होता है इसके अलावा शिपिंग चार्ज भी कम लगता है इससे हमारे प्रॉफिट बढ़ जाते है | 

प्रोडक्ट टाइप 

यहाँ प्रोडक्ट टाइप का मतलब है प्रोडक्ट किस चीज़ का बना है कहि प्रोडक्ट इस तरह का तो नहीं बना जो की शिप करते समय बीच में ही टूट जाये इससे हमे बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है | कोई काँच का प्रोडक्ट हुआ तो उसका शिपिंग में टूटना लगभग तय है इससे अपना जो कस्टमर है वो कम्प्लेन करेगा और रिफंड की डिमांड करेगा इसलिए हमे इस फैक्टर को भी चेक कर लेना चाहिए | 

illegal प्रोडक्ट 

हमेशा illegal प्रोडक्ट को ही चुने क्योकि नहीं तो हमे कई तरह की illegal प्रॉब्लम हो सकती है इसके अलावा ऐसे किसी भी प्रोडक्ट को न चुने जो की copy-write का issue रखता है नहीं तो हमे प्रॉब्लम जो सकती है | इसके अलावा हर उस प्रोडक्ट से दूर रहे जो क़ानूनी रूप से प्रतिबंधित है | 

इस तरह से हम इन कुछ टॉपिक को फॉलो करते हुए अच्छे और सही प्रोडक्ट चुन सकते है तो आप सही से रिसर्च करके ही प्रोडक्ट चुने और उसे सेल करे | 

ड्रॉपशिप्पिंग में ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर क्या है  | what is drop shipping supplier 

ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस को स्टार्ट करने में जो सबसे महत्वपूर्ण रोल जो निभाता है वो है ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर क्यों की अगर ये नहीं होगा तो हम ड्रॉपशिप्पिंग नहीं कर सकते है | 

ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर वो होता है जो की हमे ऑनलाइन सामान बेचने के लिए प्रोडक्ट उपलब्ध कराता है इसके अलावा आर्डर के आने पर प्रोडक्ट की पैकिंग एंड डिलीवरी को भी वहीं ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर मैनेज करता है | 

इसलिए हमेशा अच्छे drop shipping सप्लायर को ही चुने अनयथा एक ख़राब  drop shipping सप्लायर हमारे बिज़नेस को ख़राब कर देता है | 

ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर कैसे चुने  | How to choose drop shipping supplier 

ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में अच्छा सप्लायर चुनना बहुत जरुरी है नहीं तो एक ख़राब सप्लायर हमारे बिज़नेस को बहुत नुकसान पहुँचता है इसलिए सप्लायर को चुनने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी होना जरुरी है इसके अलावा मार्किट में भी हमे रिसर्च करनी चाहिए | 

कुछ पॉइंट है जिन को ध्यान में रखते हुए हमे अच्छे सप्लायर को चुनना चाहिए —

सर्टिफाइड सप्लायर – हमेशा जो भी सप्लायर चुने उसके बारे में पता करे की वो सर्टिफाइड सप्लायर ह की नहीं अगर वो सर्टिफाइड सप्लायर नहीं है तो उसके साथ जुड़ने का कोई मतलब नहीं होता है | क्योकि अगर उनके पास गवर्मेन्ट से जुड़े हुए लाइसेंस नहीं होते है तो वो जो भी प्रोडक्ट सेल कर रहा है उसमे हमे कई तरह की प्रॉब्लम हो सकती है | 

Product क्वालिटी – सप्लायर को फाइनल करने से पहले हमे उसके बेचने वाले प्रोडक्ट की क्वालिटी चेक करनी चाहिए नहीं तो पता चले हमारा जो सप्लायर है उसके प्रोडक्ट ख़राब हो और आपके जो कस्टमर हो वो आपसे इस बारे में कम्प्लेन करे | इसलिए पहले उसकी प्रोड्कट की क्वालिटी चेक जरूर करे | 

प्रोडक्ट रेट – सप्लायर को सेलेक्ट करने से पहले जो प्रोडक्ट हम सेल करने वाले है उसकी रेट्स भी मार्किट में कम्पेयर करे | क्योकि अगर हमारा प्रोडक्ट का रेट ज्यादा हुआ तो हम उसे सेल भी ज्यादा रेट में करेंगे इससे हमारा प्रोडक्ट और सेलर्स के मुकाबले कॉस्टली हो जायेगा और हमारी सेल कम हो जाएगी | 

इसलिए प्रोडक्ट की रेट्स जरूर कम्पेयर करे और रेट मार्केट के अकॉर्डिंग competitive हो तब ही हमे सप्लायर को फाइनल करना चाहिए | 

Product Return Policy – किसी भी प्रोडक्ट सप्लायर को फाइनल करने से उसकी जो भी return पालिसी है उसको जरूर एक बार चेक करे अगर उस सप्लायर की प्रोडक्ट return पालिसी flexible हो तो ही उसे फाइनल करे  क्योकि प्रोडक्ट तो return होंगे ही इसलिए अगर सप्लायर return ही ना ले या उसकी कोई कंडीशन हो तो हमे प्रॉब्लम हो सकती है | 

Supplier का सपोर्ट सिस्टम – हमे ये बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए की सप्लायर का जो सपोर्ट सिस्टम है वो हमेशा 24X7  hours  का होना चाहिए नहीं तो आप उनसे क्वेरी करते रहेगे और आप को कोई जवाब नहीं मिलेगा या फिर लेट मिलेगा | 

क्योकि ड्रॉपशिप्पिंग में हमे कस्टमर की जो भी क्वेरी होगी वो हमे सप्लायर के साथ ही डिसकस करनी पड़ेगी और अगर वो जवाब नहीं देगा या लेट देगा तो हमारे कस्टमर हमारे से दूर चले जायेगे | 

ड्रॉपशिप्पिंग प्रोडक्ट कोन से चुने 

तो चलिए अभी तक हमने जान लिया dropshipping kya hai , ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर क्या होता है और सप्लायर कैसे चुने  एवम प्रोडक्ट कैसे चुने | अब जानते है की कोनसे प्रोडक्ट हमे चुनने चाहिए | यहां कुछ कैटेगरी हम आपको बताते है जो काफी पॉपुलर भी है और इसके अलावा उनमे प्रॉफिट भी है और शिपिंग भी आसानी से हो जाती है तो एक बार इन सब केटेगरी को देख लीजिये और इन्ही में से प्रोडक्ट को सलेक्ट करे और प्रोडक्ट कैसे सेलेक्ट करना है ये भी आपको हमने ऊपर बता दिया है – 

Computer and mobile  Accessories – ये वो  categories है जिनमे ढेरो प्रोडक्ट हमे सेल करने के लिए मिल जाते है और इसके अलावा इनकी जो डिमांड है वो भी बहुत हाई रहती है | प्रॉफिट मार्जिन भी इनमे बहुत रहता है | इन सबके अलावा ये प्रोडक्ट छोटे और कम वजन वाले होते है इसलिए  करना भी आसान रहता है इसलिए एक बार इस कैटेगरी में प्रोडक्ट रिसर्च करे और अच्छे प्रोडक्ट को सेल करे | 

Beauty Product – ब्यूटी प्रोडक्ट भी बहुत ज्यादा मात्रा में बिकने वाले प्रोडक्ट होते है इस केटेगरी में बहुत सारे प्रोडक्ट होते है और विमेंस इन ब्यूटी प्रोडक्ट को खरीदने वाली फर्स्ट कस्टमर होती है और विमेंस की purchasing पावर हम सब जानते है इसलिए आप को इस केटेगरी में भी research करना चाहिए | 

Jewelry Product  – कभी ना खत्म होने वाली रेंज होती है इस केटेगरी में और विमेंस की सबसे favorite केटेगरी में से एक होती है | इसकी सबसे खास बात ये है की इसके प्रोडक्ट बहुत हल्के एंड छोटे होते है जिन्हे शिप करना भी आसान होता है और ये शिपिंग में डेमेज भी नहीं होते है | प्रॉफिट एंड मार्जिन भी बहुत ज्यादा होता है क्योकि इसमें कोई रेट तो होती नहीं है | 

Stationery and Books Category – ये भी एक शानदार केटेगरी है जिसमे हम अच्छे प्रोडक्ट को सेलेक्ट करके सेल कर सकते है ये जो केटेगरी है बसीकली डेली यूज़ वाली केटेगरी है इसलिए इसमें स्कोप भी अच्छा होता है | तो एक बार इसके बारे में भी रिसर्च कर लेना चाहिए |  

Clothing – ये भी फैशन से जुडी हुई केटेगरी यही इसलिए इसमें भी प्रोडक्ट बहुत सारे है और हमे इसमें जो भी अच्छे और लेटेस्ट ट्रेंड से मिलते हुए प्रोडक्ट है इनको सेल करने के लिए रखना चाहिए | 

बिगनर्स ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में क्या करे और क्या नहीं करे | Ultimate dropshipping business guide for beginners

१. सबसे पहले नए लोगो को ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में multi category store open करने के बारे में ना सोचें  सबसे पहले बिगनर्स को केवल कुछ प्रोडक्ट के साथ में सिंगल केटेगरी में स्टोर ओपन करना चाहिये | ऐसा इसलिए क्योकि इसको मैनेज करना multi केटेगरी स्टोर को मैनेज करने से ज्यादा आसान होता हैं | आप ज्यादा कस्टमर को बुला सकते है | और प्रोडक्ट को बहुत अच्छे से प्रमोट कर सकते है जिससे हमारी सेल भी बढ़ेगे | 

२. शुरुआत में ही ज्यादा कमाने के बारे में न सोचे अपने आप को मार्किट के अकॉर्डिंग competitive रेट्स पर काम करे नहीं तो लोग शरुआत में ही ज्यादा रेट में सेल करके अधिक प्रॉफिट कमाने की सोचते है | जो की बहुत गलत है इससे कस्टमर हमसे जुड़ नहीं पाते है | 

३. शुरुआत में ही डिस्काउंट मॉडल पर काम नहीं करे या कम रेट पर सामान नहीं बेचे | कुछ लोग शरुआत में ही ज्यादा सेल करने के चककर में बहुत लो रेट पर प्रोडक्ट को सेल करने लग जाते है , जो की एक दम गलत प्रैक्टिस है | अगर आप कमाओ गे ही नहीं तो अपने बिज़नेस को एक्सपैंड कैसे करोगे | 

४. कस्टमर सपोर्ट सिस्टम पर शुरुआत से ही अच्छी तरह से बिल्ट करे क्योकि ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में हमारा कस्टमर सपोर्ट सिस्टम जीतना ज्यादा स्ट्रांग होगा हमे उतना ही ज्यादा बिज़नेस को आगे ले कर जाने में आसानी होगी | 

५. कस्टमर को लगातार फॉलो करते रहे और उसे अपने स्टोर से रिलेटेड और नई प्रोडक्ट जुड़ाव से सम्बन्धित जानकारिया प्रदान करते रहे | 

६. सीखने की प्रोसेस को हमेशा जारी रखे क्योकि तब ही हम हमारे बिज़नेस को अच्छे से ग्रो कर पायेगे | 

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Dropshipping बिज़नेस से जुड़े लाभ  | Profit in dropshipping business 

ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस करने से हमे कई तरह के प्रॉफ़िट्स होते है उन्ही मेसे हम कुछ आपके साथ शेयर करते है –

निवेश कम होता है 

इस तरह के बिज़नेस में बहुत ही कम मात्रा में होता है जैसे ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में आपको केवल एक ऑनलाइन स्टोर ओपन करना है और जो सप्लायर है हमारा उसको अपने प्रोडक्ट बताने के लिए कहना और उसमे से जो भी अच्छे प्रोडक्ट होते है उन्ही में से प्रोडक्ट सेलेक्ट करके सेल करते है | 

Shipping ओर packing 

इसकी दूसरी अच्छी बात ये है की इसमें जो आर्डर आता है उसको शिप और पैकिंग करना सेलर (dropshipping supplier) का काम होता हैं | 

जोखिम कम होता है | Risk level is low in dropshipping business 

चुकी इसमें हम डायरेक्ट कोई सेल नहीं करवा पा रहे है इसलिए हमे इन्वेंटरी की जरुरत नहीं होती है इसलिए अगर बिज़नेस नहीं चलता है तब हमे कुछ ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ता है तो इसीलिए इसे हम आराम से घर बैठे इस बिज़नेस हो सेल क़र सकते हैं | 

Dropshipping बिज़नेस की हानि क्या है

हर बिज़नेस की तरह इसमें भी कमिया होती है इसलिए एक बार इनको भी देख लेते है –

कंट्रोल नहीं होता है 

क्योकि इसमें हम ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर के साथ मिलकर के काम कर रहे होते है इसलिए हमारे पास इसका पूरा कण्ट्रोल नहीं रहता है इसलिए हमे हमारे सप्लायर पर डिपेंड रहना होता है | 

ब्रांड नहीं बना सकते 

चुकी प्रोडक्ट सप्लायर भेजता है इसलिए हम इसका पैकिंग और शिपिंग करके ब्रांडिंग नहीं कर सकते है इसलिए हम अच्छे से ब्रांड डेवलप नहीं कर सकते हैं | 

स्कीम लांच नहीं कर सकते 

हम प्रोडक्ट की सेल करने के लिए किसी तरह की कोई स्कीम नहीं लांच कर सकते है जैसे buy one get one ऑफर नहीं चला सकते है या कोई कॉम्बो पैक नहीं दिखता है | 

इंडिया में ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस | Dropshipping business in India 

इंडिया में भी अब ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस शुरू होने लग गया है और कई कंपनीज इस काम उतर गयी है और जैसे जैसे इंडिया में ट्रांसपोर्ट और इंटरनेट का स्कोप बढ़ता जा रहा इस तरह के लेटेस्ट बिज़नेस मॉडल अच्छे से ग्रो करने लग गए है | 

कोरोना के टाइम के बाद तो मानो इस तरह के काम में पंख लग गए है ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस की ग्रोथ अच्छी रही है | इंडिया एक उभरता हुआ बाजार है इसलिए ड्रॉपशिप्पिंग का बिज़नेस काफी अछि प्रोग्रेस करेंगे | 

इंडिया में ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस के खिलाडी 

इंडिया में भी ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस ग्रो भी कर रहा है और तो और कुछ ऐसे बहुत अच्छे ऐप्प है जिन्होंने इस field बहुत अछि ग्रोथ पायी है और अभी भी अकेले काम कर रहे है | जैसे 

Meesho – ये है इंडिया का पहला ड्रॉपशिप्पिंग प्लेटफार्म जिसकी हेल्प से हम इंडिया में ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस कर सकते है |  

Glowroad – ये भी एक बहुत ही अच्छा प्लेटफार्म है जिसकी सहायता से हम ड्रॉपशिप्पिंग का बिज़नेस इंडिया में भी स्टार्ट कर सकते हैं | 

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एफिलिएट मार्केटिंग और ड्रॉपशिप्पिंग में अंतर

हमने इस ब्लॉग में Dropshipping kya hai  और  Dropshipping business kaise start kare के बारे में विस्तार से बात करी है | लेकिंन ये कुछ एफिलिएट मार्केटिंग से मिलता हुआ प्रतीत होता है किंतु इसमें और एफिलिएट मार्केटिंग में कुछ मुलभुत अंतर होते है जिन्हे हमे समझना चाहिए –

१. Website Requirement  – दोनों ही बिज़नेस में हमे इन्वेंटरी नहीं रखनी पड़ती है लेकिन एफिलिएट मार्केटिंग में हम प्रोडक्ट को बिना किसी वेबसाइट के सेल करवा सकते है और कमीशन प्राप्त करते है और ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में हमे कस्टमर को अपनी साइट पर बुला कर सेल करवानी होती है | 

२. Responsibility | जिम्मेदारी — दोनों ही बिज़नेस में हमे आर्डर की पैकिंग और शिपिंग नहीं करनी पड़ती है लेकिन एफिलिएट मार्केटिंग में हमे प्रोडक्ट सेल्लिंग के बाद भी कस्टमर सपोर्ट सिस्टम की आवशयकता नहीं पड़ती है क्योकि हम जिस भी कंपनी का प्रोडक्ट सेल कर रहे है उसका अपना खुद का कस्टमर सपोर्ट सिस्टम होता है | ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में आर्डर आने के बाद सप्लायर को आर्डर बताने के बाद हमारी जिमेदारी खत्म नहीं हो जाती है बल्कि जब तक प्रोडक्ट कस्टमर तक सही से नहीं पहुंच जाये और कस्टमर satisfy नहीं हो जाये हम रिलेक्स नहीं कर सकते है | 

३. Product rate | उत्पाद शुल्क –  एफिलिएट मार्केटिंग में प्रोडक्ट के रेट वो कंपनी तय करती है जिसका ये प्रोडक्ट होता है हमे तो केवल उसकी सेल्लिंग पर कमीशन मिलता है लेकिन ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में प्रोडक्ट की रेट हम खुद तय करते है |  

सामान्य सवाल जवाब (FAQ)

ड्रॉपशिप्पिंग क्या होती है ? 

किसी और के प्रोडक्ट को हमारे वेबसाइट या स्टोर पर लिस्ट करवा के सेल करना ड्रॉपशिप्पिंग कहलाता है और इस बिज़नेस को कहते है ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस | 

क्या  ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में वेबसाइट की आवश्यसकता होती है ? 

हा ये बेहद जरुरी होता है क्योकि कस्टमर को हम अपनी साइट पर बुला के ही सेल करवा सकते है | 

ड्रॉपशिप्पिंग बिज़नेस में पैकिंग और शिपिंग कौन करता है ? 

ड्रॉपशिप्पिंग सप्लायर ही इसमें पैकिंग और शिपिंग का काम करता है | 

 तो ये था हमारा ब्लॉग Dropshipping kya hai और Dropshipping business kaise start kare उम्मीद है की आप सभी को बहुत अच्छी जानकारी इस ब्लॉग से मिली होगी | अगर कोई भी सुझाव हो आप के पास तो प्लीज बताये | 

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