गोबर से कागज बनाने का बिजनेस , Cow Dung Paper Business Idea

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 12 सितंबर को कुमारप्पा नेशनल हेंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट में गोबर से बने पेपर कैरी बैग को लॉन्‍च किया था।

गाय के गोबर (Cow Dung Business) से आप अच्छी कमाई कर सकते हैं. आज हम आपको बता रहे हैं कि गाय के गोबर से आप कैसे कमाई कर सकते हैं. Cow dung cake के अलावा आप गाय के गोबर से कागज बनाने का कारोबार (Paper Making Business) शुरू कर सकते हैं.

गोबर से बनाया जाएगा कागज ( Cow dung paper )

गोबर बेहद उपयोगी होता है. ये तो पूरी दुनिया जानती है. लेकिन भारत सरकार के मध्यम और लघु उद्योग मंत्रालय की एक योजना गोबर से धन कमाने का मौका दे रही है. इसके लिए एक खास तकनीक ईजाद की गई है.

भारत सरकार ने गोबर से कागज बनाने का सफल परीक्षण कर लिया है, अब आप भी गोबर से पैसे कमा सकते हैं. MSME मंत्रालय ने इसका जिम्मा उठाया है, मंत्रालय के तहत देश भर में ऐसा प्लांट लगाया जाएगा जिसमें गोबर का प्रयोग करके पेपर तैयार किया जाएगा.

आयुर्वेद में गाय का गोबर (Cow Dung) का बहुत महत्व है. गाय का गोबर कई चीजों को बनाने के काम आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गाय के गोबर से आप अच्छी कमाई (Earn From Cow Dung) कर सकते हैं. आज हम आपको बता रहे हैं कि गाय के गोबर से आप कैसे कमाई कर सकते हैं. आप गाय के गोबर से कागज बनाने का कारोबार शुरू कर सकते हैं. सरकार ने गोबर से कागज बनाने का सफल प्रयोग कर लिया है. एमएसएमई मंत्रालय के तहत देश भर में इस प्रकार के प्लांट लगाने की योजना तैयार की जा रही है. कागज बनाने के लिए गोबर के साथ कागज के चिथड़े का इस्तेमाल किया जाता है.

नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट में गाय के गोबर से पेपर बनाने की विधि इजाद की गई है. गाय के गोबर से हैंडमेड पेपर तैयार किया जा रहा है. इस पेपर की क्‍वालिटी बहुत अच्‍छी है. इससे कैरी बैग भी तैयार किया जा रहा है. जैसा की प्‍लास्‍टिक बैग बैन हो रहे हैं, ऐसे में पेपर के कैरी बैग अच्‍छा विकल्‍प हैं.

इस योजना से जुड़ने के बाद लोग गोबर से पेपर बनाने के प्‍लांट के लिए लोन और सब्सिडी पा सकेंगे. 5 लाख से लेकर 25 लाख तक में प्‍लांट लगाए जा सकते हैं. ये हैंडमेड पेपर हैं तो इससे हर प्‍लांट में कुछ लोगों को रोजगार भी मिलेगा. अगर 15 लाख में कोई प्‍लांट लगाता है तो इसमें 10 से 12 लोगों को रोजगार मिल सकता है.

गोबर से कागज परियोजना पर चालू है काम

प्लांट को देश के हर हिस्से में लगाया जाएगा और इस पर काम शुरू भी कर दिया गया है. नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीच्यूट में गाय के गोबर से कागज बनाने की प्रक्रिया का सफल परीक्षण किया है. जो भी लोग इस योजना से जुड़ेंगे वह गोबर से पेपर बनाए जाने वाले प्लांट के लिए सब्सिडी और लोन प्राप्त कर सकेंगे. इस प्लांट को तैयार करने में 5 लाख से लेकर 25 लाख तक का खर्च आता है. 

देश में हर साल 5 हजार करोड़ रुपए का गोबर

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार देशभर में पशुओं से हर साल 100 मिलियन टन गोबर मिलता है जिसकी कीमत 5,000 करोड़ रुपए है। इस गोबर का ज्यादातर प्रयोग बायोगैस बनाने के अलावा कंडे और अन्य कार्यों में किया जाता है।

गाय के गोबर से कागज बनाने के लिए लोन व सब्सिडी ( Subsidy on cow dung scheme )

इस प्रकार के प्लांट लगाने के लिए सरकार की तरफ से कर्ज मुहैया कराया जा रहा है। गोबर से कागज बनाने वाले प्लांट लगाने में 15 लाख रुपये खर्च होंगे। एक प्लांट से एक माह में 1 लाख कागज के बैग बनाए जा सकते हैं। ये हैंडमेड पेपर हैं तो इससे हर प्लांट में कुछ लोगों को रोजगार भी मिलेगा। अगर 15 लाख में कोई प्लांट लगाता है तो इसमें 10 से 12 लोगों को रोजगार मिल सकता है। किसान भाई जिला उद्योग केंद्र व अन्य नोडल एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं। 

Cow dung training and Factory subsidy scheme

गाय के गोबर से कागज बनाने की योजना की ऑनलाइन जानकारी

लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग मंत्रालय सैकड़ों योजनाओं के माध्यम से लोन व सब्सिडी उपलब्ध कराता है। सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए आप एमएसएमई की ऑफिसियल वेबसाइट https://msme.gov.in/hi पर लॉगिन कर सकते हैं

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