एलोवेरा व जेल का व्यवसाय कैसे शुरू करें | how to start aloe vera farming business, aloe vera business in Hindi

एलोवेरा व जेल का बिजनेस शुरू करना आपके लिए बहुत ही प्रॉफिटेबल साबित हो सकता है. यह एक ऐसा प्राकृतिक पोधा है जिसका उपयोग हर्बल, कॉस्मेटिक उत्पादन, दवाई बनाने और जूस बनाने में किया जाता है.
एलोवेरा एक ऐसा पोधा है जिसके उपयोग से कई तरह की बीमारियों से निपटा जा सकता है. इसलिए एलोवेरा की बढ़ती मांग को देख कर एलोवेरा व जेल का बिजनेस करना बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है.

aloe vera farming business

एलोवेरा व जेल का बिजनेस केसे शुरू किया जाय यह जानने के लिए या इस के बारे में पुरी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे साथ अंत तक बने रहे.

Contents

(1) एलोवेरा व जेल का बिजनेस कैसे शुरू करें ( how to start aloe vera business)

ऐलोवेरा के पौधे में चमत्कारी गुण होने के कारण यह दुनिया भर में मशुर है इसमें विटामिन और खनिज की मात्रा भरपूर होती हैं. इसके अलावा इसमें एंटीबायोटिक और एंटी फंगल जैसे गुण भी होते हैं. इसी कारण से ऐलोवेरा की मांग भी मार्केट में बहुत अधिक होती है. ऐसे मे इस बिजनेस को करना आपके लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है.
aloe vera business दो तरीको से किया जाता है पहला इसकी खेती करके और दूसरा जूस,जेल या पावडर के लिए मशीन लगा कर किया जाता हैं.

(1.1) एलोवेरा की खेती के रूप में बिज़नस ( aloe vera farming business plan)

एलोवेरा की खेती की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ एक बार इन्वेस्टमेंट करके 3 साल तक इससे लाभ कमाया जा सकता है.
कहने का मतलब है कि आपको सिर्फ एक बार एलोवेरा का पौधा लगाना होता है उसके बाद आप उस पौधे से 3 साल तक लाभ कमा सकते हो. उसी पौधे से निकलने वाले बेबी प्लांट को दूसरी जगह लगाकर दूसरा पौधा उत्पन्न किया जा सकता है. इसी तरह पौधों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है.
एलोवेरा की खेती के रूप में व्यवसाय शुरू करने के लिए निम्न स्टेप को फॉलो कर सकते हो.

यह भी पढ़े – मोती की खेती कैसे शुरू करे

(1.2) एलोवेरा की प्रजाति का चुनाव करें ( aloe vera species)

एलोवेरा के पौधे में कई सारी प्रजाती होती है. जिनमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय चैन्सिस, लित्तोराल्लिस और एलो अब्यस्सिनिका है. भारत में इसकी मिलने वाली उच्च उत्पादक प्रजातियां है- आईईसी 111271, एएएल1 और आईईसी 111269 हाइब्रिड प्रजाति के एलोवेरा को देश में लगभग सभी जगह उगाया जाता है.

(1.3) एलोवेरा की खेती कब करें ( Aloe Vera Farming in doing time)

एलोवेरा खेती की बुवाई करने का सबसे बेहतर समय फरवरी से मार्च और जून, जुलाई का महीना होता है. वैसे तो एलोवेरा की बुवाई पूरे साल में कभी भी कर सकते हो. लेकिन फरवरी से मार्च का समय इसके लिए अच्छा माना जाता है.

(1.4) एलोवेरा की खेती के लिए खेत तेयार करें( prepare the farm for in aloe vera farming)

इसकी खेती करना बहुत ही आसान है. एलोवेरा की खेती के लिए वर्षा और नम क्षेत्र की आवश्यकता होती है. इसकी खेती करने के लिए थोड़ी ऊंची जमीन ज्यादा बेहतर रहती हैं. जिसमें पानी का ठहराव ना हो अन्यथा पौधे को नुकसान हो सकता है. वैसे तो इसके लिए पथरीली जमीन भी बहुत लाभकारी साबित होती है.
एक हेक्टेयर भूमि में एलोवेरा की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत की जुताई करें. उसके बाद उसमें 10 टन देसी गोबर का खाद, 33 किलोग्राम पोटाश, 150 किलोग्राम फास्फोरस और 120 किलोग्राम यूरिया मिलाकर छिड़काव करना होगा. उसके बाद दोबारा जुताई करके पौधारोपण के लिए खेत को तैयार कर लेना है.

यह भी पढ़े – बकरी पालन व्यवसाय कैसे शुरू करे

(1.5) एलोवेरा के पौधे की बुवाई करें ( Planting Aloe Vera Plant)

पौधारोपण के लिए क्यारियों को बनाकर एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच की दूरी 50 सेंटीमीटर रखकर पौधे को रोपा जाता है. एक हेक्टेयर जमीन में लगभग 10000 पौधे रोपे जाते हैं. पौधे को रोपने के बाद उसमें हल्के पानी से सिंचाई की जाती है. एक बार एलोवेरा के पौधे लगाने के बाद इसकी फसल 3 वर्ष तक काटी जा सकती हैं. पौधे लगाने के 8 से 10 महीने के बाद वह कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं. पहले वर्ष में उत्पादन लगभग 50 टन और दूसरे वर्ष इसके उत्पादन में लगभग 15 से 20% की वृद्धि हो जाती है.

( 1.6) पौधे की सिंचाई और कीटनाशक दवाई का छिडकाव ( Plant irrigation and insecticide spraying)

जैसा कि हमने आपको बताया कि एलोवेरा की खेती में अधिक पानी की जरूरत नहीं होती है. आप 15 दिन के अंतराल में इसकी सिंचाई कर सकते हो.
और जहा तक बात की जाए कीटनाशक दवाई की तो इसमें मिली नामक कीड़ा एलोवेरा के पौधे को नष्ट करता है. इसका मुख्य लक्षण एलोवेरा के पौधे में चित्ता दाग लगने लगता है. इसके बचाव के लिए आपको 0.2% of malathion aqueous सलूशन या 0.1% of पैराथीओन का छिड़काव करना होगा और हफ्ते में एक बार 0.2% dithane M-45 का भी छिड़काव करना होगा जिससे से पौधे नष्ट होने से बच सके.

(1.7) एलोवेरा की खेती के व्यवसाय में लागत ( aloe vera farming cost)

एलोवेरा की खेती में खर्च की बात की जाए तो लगभग 27500 रुपए प्लांट का खर्च, गोबर, खाद, केमिकल, दवाइयों में लगने वाला खर्च लगभग 9000 रुपए एवं उत्पादन एवं मजदूर का खर्च लगभग 15000 रुपए का खर्च आता है. कुल मिलाकर एक हेक्टेयर का खर्च लगभग 50 से ₹60000 आ सकता है.

(1.8) एलोवेरा की खेती के व्यवसाय में लाभ (aloe vera farming business Profit)

एलोवेरा की खेती के बिजनेस में लाभ की बात की जाए तो इसमें 50 से 60 हजार रुपए लगाकर प्रति हेक्टेयर 5 से 6 लाख रुपए का मुनाफा कमाया जा सकता है.

(2) एलोवेरा जेल या जूस बनाने का व्यवसाय कैसे शुरू करें
( How to start Aloe Vera gel business)

एलोवेरा की पत्ती की कटाई के बाद उसमें मौजूद गुदा को निकाल कर एलोवेरा का जूस या जेल बनाया जाता है. एलोवेरा के एक पौधे की पत्तियों के बंडल में से लगभग 400 मिली लीटर तक गुदा निकाला जा सकता है. यदि आप खुद से एलोवेरा की खेती करके एलोवेरा का जूस या जेल का बिजनेस करते हो तो आप इसमें अच्छा लाभ कमा सकते हो. अन्यथा कच्चा माल एलोवेरा की खेती करने वाले किसान से खरीद सकते हो.
चलिए जानते हैं कि एलोवेरा जूस या जेल बनाने का बिजनेस में हमें क्या-क्या चाहिए होगा.

(2.1) एलोवेरा जेल या जूस के व्यवसाय के लिए जगह ( Aloe Vera gel business place)

एलोवेरा जेल का बिजनेस शुरू करने के लिए सबसे पहले हमें जगह की आवश्यकता होगी. जगह का चुनाव ऐसी जगह करना है जहां पर बिजली और पानी की मात्रा पर्याप्त हो. इसके अलावा आपको कम से कम 1000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होगी. ताकि आसानी से मशीनों और कच्चे माल को रखकर aloe vera business को शुरू किया जा सके.

(2.2) एलोवेरा जेल या जूस बनाने के लिए मशीन ( aloe vera juice machine)

एलोवेरा जेल या जूस बनाने के लिए दो प्रकार की मशीन आती है. जिसमें से एक fully automatic और दूसरी automatic machine हैं. इन दोनों मशीनों की प्राइस अलग-अलग है. इन मशीनों को आप ऑनलाइन IndiaMART की वेबसाइट पर जाकर खरीद सकते हो.

(2.3) एलोवेरा जेल या जूस बनाने के व्यवसाय के लिए जरूरी लाइसेंस ( required licence in Aloe Vera gel business)

लाइसेंस प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया व्यवसाय स्थापित करने वाली जगह पर निर्भर करती है. प्रत्येक स्थान पर अपने कानूनी नियम होते हैं. सामान्यता कंपनी का रजिस्ट्रेशन और लाईसेंस राज्य सरकार के प्राधिकरणर द्वारा प्राप्त किया जाता है. यदि आप कॉस्मेटिक उत्पाद की फैक्ट्री लगाना चाहते हो तो आपको कुछ लाइसेंस लेना होगा.

  • प्रबंध पैटर्न के अनुसार यानी आप किस तरह का व्यवसाय शुरू करने जा रहे हैं उसका रजिस्ट्रेशन करें.
  • MSMI उद्योग आधार पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें.
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एनओसी में आवेदन करें.
  • इसके अलावा आपके पास पैन कार्ड और एक चालू खाता होना चाहिए.

(2.4) एलोवेरा जेल या जूस के व्यवसाय में लागत ( Aloe Vera gel business cost)

एलोवेरा जेल या जूस के व्यापार में लागत की बात की जाए तो यह आप पर निर्भर करता है. यदि आप इसे छोटे स्तर पर शुरू करते हो तो आप अपने घर से भी शुरू कर सकते हो. जिसमें आपको 1 से 1.5 लाख रुपए की आवश्यकता होगी. लेकिन यदि आप aloe vera business को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हो तो आपको भूमि, मशीन, कर्मचारी, पैकेजिंग, ‌कच्चा माल आदि के खर्च को मिलाकर 6 से 7 लाख रुपए की आवश्यकता होगी.

(2.5) एलोवेरा जेल के व्यवसाय में लाभ ( Aloe Vera gel business profit)

एलोवेरा प्रोसेसिंग यूनिट लगाने में आपका खर्च 6 से 7 लाख रुपए लग सकता है .मशीन के द्वारा 150 लीटर जूस निकाल जा सकता है. 1 लीटर जूस बनाने में लगभग ₹40 का खर्च आता है. यदि आप इसे मार्केट में बेचते हो तो आपको एक लीटर का मूल्य 150 रुपए मिल जाता है. जिसमे से 40 रुपए का खर्च काट दिया जाए तो एक लीटर पर शुद्ध मुनाफा ₹110 का हो सकता है. यदि आप इसका प्रोडक्शन अच्छे से निकल पाते हो और उसे मार्केट में आसानी से बेच सकते हो तो आप दिन में ₹16500 कमा सकते हो.

(2.6) एलोवेरा जेल या जूस के बिजनेस को शुरू करने के लिए लोन ( aloevera jail business loan)

यदि आप aloe vera business कोबड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं, और अगर आपके पास इसके लिए पैसे नहीं है तो आप इसके लिए लोन भी ले सकते हो. इस व्यवसाय के लिए सरकार 90 फीसदी तक लोन दे रही हैं और इस लोन में सरकार आप से 3 साल तक कोई ब्याज नहीं लेती हैं. इसके अलावा इस पर 25% की सब्सिडी भी दी जा रही है.

Leave a Comment