सोलर एनर्जी और सोलर पैनल बिज़नेस क्या है इसे कैसे शुरू करे | How to start solar energy and solar panel business in Hindi

जिस तरह से आजकल आबादी बढ़ती जा रही है उससे से जो ऊर्जा के प्राकृतिक सोर्स है वो बहुत जल्दी खत्म होते जा रहे है ये सोर्स बहुत ही सिमित मात्रा में है और एक बार खत्म होने के बाद इन्हे दुबारा नहीं बनाया जा सकता और इसके अलावा इन संसाधनों से हमारे आने वाली पीढ़ी की ऊर्जा की जो जरूरते है वो पूरी नहीं हो सकती है | इस लिए सब बुद्धिजीवी लोग ऊर्जा के क्षेत्र में नए नए स्रोत का पता लगाने की कोशिस की जा रही है | 

इन्ही सब में से एक है तरीका है Solar energy  जो की बहुत ही कारगर और ऊर्जा का कभी न खत्म होने वाला सोर्स है | ये इस प्रकार का सोर्स है जिसे हम बिना पर्यावरण को नुकसान पहुचाये काम में ले सकते है | इसलिए सोलर एनर्जी क्या है और इसमें सोलर पैनल क्या है इसके अलावा हम सोलर एनर्जी और सोलर पैनल बिज़नेस क्या है इसे कैसे शुरू करे के बारे में जानकारी प्राप्त करते है | 

Solar energy की जो ये opportunity है इसे हम बिज़नेस के रूप में भी ले सकते है | क्योकि ये अभी तक इतना स्केल नहीं हुआ है इसलिए इसमें संभावनाए बहुत ज्यादा है और इसके अलावा इसमें government की इतनी योजनाए है की इसमें हम उनका फायदा उठा कर घर बैठे पैसे भी कमा सकते है | यानि की इसमें जो लोग सोलर पैनल लगाते है और जो लगवाते है दोनों जने पैसे कमा सकते है | 

सोलर एनर्जी बिज़नेस करने के भी 4 -5 तरीके है जिनको हम इस आर्टिकल में आगे पढ़ेगे और जो सोलर पैनल लगवाएगे वो भी इसमें कैसे पैसे कमा सकते है | 

Contents

सोलर एनर्जी क्या है ? What is solar energy 

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है सोलर एनर्जी हमे सूर्य से मिलती है | ये एक कभी न ख़त्म होने वाली एनर्जी है जिसे हम कुछ उपकरणों की सहायता है हमारे काम में ले सकते है | सोलर एनर्जी का एक बहुत बड़ा फायदा ये है की ग्रीन एनर्जी है जिससे हमारे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है | 
सोलर एनर्जी सूर्य की किरणों से निकलने वाली ऊर्जा है जिसे हम सोलर पैनल के माध्यम से एकत्रित करते है और बिजली बनाते है | 
हमारे भारत देश का जो वातावरण है वो इस सोलर एनर्जी के लिए बहुत है अच्छा है क्योकि यहां पर धुप अच्छी निकलती है | 10 घंटे की धुप से हमारा 1 किलोवाट का सोलर पैनल लगभग 10 यूनिट बिजली बना लेता है | इससे हमे दो तरह का फायदा एक तो हमे बिजली का बिल भुगतान कम करना पड़ता है और इसके अलावा अगर हमारे सोलर पैनल से ज्यादा मात्रा में बिजली बन रही है तो उसको हम बिजली कंपनीज को सेल करके पैसे कमा सकते है | 

सोलर एनर्जी व्यवसाय क्या है ? What is solar energy business

सोलर एनर्जी एक नया और कम competition वाला बिज़नेस है क्यों की इसे अभी ज्यादा लोग काम नहीं कर रहे है इसलिए इसमें बहुत सारा स्कोप है और अगर इसे अच्छी तरह सिख कर इसका व्यवसाय करे तो ये हमे बहुत सारी इनकम दे सकता है | 

 इस ब्लॉग आर्टिकल में आप सिर्फ सोलर एनर्जी पैनल की  trading , installation , maintenance और repairing से जुडी हुई जानकारिया ही प्राप्त कर पायेगे  | सोलर एनर्जी  पैनल की manufacture करने में बड़ा इन्वेस्टमेंट होता है लेकिन हमे तो लोकल में सोलर एनर्जी के बिज़नेस किस तरह से किया जाना है ये पता करना है क्योकि इससे हमे कम इन्वेस्टमेंट में ज्यादा कमाई आती है | 

सोलर एनर्जी या पैनल बिज़नेस क्या है हम ये जानेगे और सोलर एनर्जी बिज़नेस कैसे शुरू करेगे इसके बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे | 

सोलर एनर्जी का जो बिज़नेस है इसमें हम सोलर पैनल से रिलेटेड एक्विमेंट (सामान) को सेल करते है और कई तरह के लेवेल पर सेल किया जाता है  जिसमे हमारा इन्वेस्टमेंट अलग – अलग लेवल पर अलग – अलग होता है और earning भी उसी के अनुरूप होती है | 

सोलर एनर्जी व्यवसाय कैसे शुरू करें ? How to start solar energy business 

हमने ऊपर जान लिए की सोलर एनर्जी और सोलर बिज़नेस क्या है ? अब हम जानते है की सोलर एनर्जी व्यवसाय कैसे  शुरू करें और इसको करने के लिए कई  तरीको के बारे में बात करेंगे | सोलर एनर्जी बिज़नेस का व्यवसाय हम कम्पनीज से मिलकर के कर सकते है बस इसके लिए आप को उन कम्पनीज के बारे में और आप को जो एरिया है उसके बारे में थोड़ी स्टडी करनी पड़ेगी|  

 बिज़नेस को शुरू करने के अलग – अलग लेवल होते है और हम इन्ही में से हमारे बजट और इंटरेस्ट के अनुसार किसी एक को फाइनल कर सकते है |  तो अब बात करते है उन तरीको की जिनसे इस बिज़नेस को शुरू किया जा सकता है 

1. सोलर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटरशिप (Solar Product Distributorship)

2. सोलर एनर्जी बिज़नेस एसोसिएट (Solar energy business associate)

3. सोलर एनर्जी डीलरशिप (Solar energy dealership)

4. सोलर एनर्जी फ्रैंचाइजी (solar energy franchise)

5. सोलर एनर्जी बिज़नेस एजेंट (Solar energy business agent)

6. सोलर पैनल इंस्टालेशन (Solar panel installation)

7. सोलर एनर्जी ऑडिटिंग (Solar energy auditing)

8. सोलर सिस्टम रिपेयरिंग एंड मेंटिनेंस बिज़नेस  (Solar system repairing and maintenance business )

सोलर एनर्जी व्यवसाय कितने प्रकार के होते है ? How many types solar energy business

सोलर एनर्जी व्यवसाय करने के बहुत तरीके हमने आप को उपर बताये है अब उनके बारे में विस्तार से बात कर लेते है की वो व्यवसाय किस तरह के होते है और उनमे क्या क्या करना पड़ता है इसके आलावा सोलर एनर्जी बिज़नेस में निवेश (investment in solar energy business ) और प्रॉफिट कितना हो सकता है तो जानते है इसके बारे में विस्तार से — 

 सोलर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटरशिप (Solar Product Distributorship)

सोलर प्रोडक्ट की डिस्ट्रीब्यूटरशिप बिज़नेस बहुत ही अच्छा तरीका है इस फील्ड में काम स्टार्ट करने के लिए क्यों की इसमें हम डायरेक्ट किसी कंपनी से प्रोडक्ट लेते है और आस पास के जो लोकल डीलर होते है उनको ये सोलर प्रोडक्ट सेल करते है | 

इसमें हमे ये पता करना होता है की जो आप का एरिया है वह किस कंपनी के सोलर प्रोडक्ट की डिमांड है या कोनसी कंपनी अपना डिस्ट्रीब्यूटर बनाना चाहती है , या फिर आप के आस पास के एरिया में इस फील्ड का स्कोप पता लगाए और फिर कोई अच्छी सोलर एनर्जी से जुडी हुई कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ले लेनी चाहिये | 

डिस्ट्रीब्यूटरशिप में निवेश — डिस्टीब्यूटरशिप में जो निवेश होता है वो थोड़ा ज्यादा रहता है इसमें हमे कुछ रूपए कंपनी को सिक्योरिटी डिपाजिट करने होते है और फिर जो फर्स्ट बिलिंग होती है वो भी बड़ी करनी होती है | लगभग सारा निवेश 7-8 लाख होता है | 

सिक्योरिटी डिपाजिट और फर्स्ट बिलिंग हर कंपनी की अलग अलग होती है उसके लिए आप को कंपनी की वेबसाइट पर जाकर पता करना चाहिए | 

डिस्ट्रीब्यूटरशिप में लाभ — इसमें हम लाभ भी लाखो में कमा सकते है क्योकि हम कंपनी से प्रोडक्ट लेते है और डीलर्स को बेचते है | डिस्ट्रीब्यूटरशिप हमे area-vise मिलती है और उस एरिया में और कोई भी उस कंपनी के प्रोडक्ट डीलर्स को सेल नहीं कर सकता है यानि की उसकी मोनोपोली हो जाती है | 

सोलर एनर्जी बिज़नेस एसोसिएट (Solar energy business associate)

 सोलर एनर्जी बिज़नेस में जो कंपनीया है वो अपने एसोसिएट प्रोग्राम चलाती है जिसमे वो लोगो को अपनी कंपनी के जो सोलर प्रोड्कट होते है उनके बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करते है ये उनकी ट्रेनिंग होती है इसमें वो सब प्रोडक्ट्स के बारे में अच्छे से बता देते है | 

फिर ये जो कंपनी के एसोसिएट होते है वो अलग अलग जगह जाकर कंपनी के प्रोडक्ट को प्रोमोट करते है लोगो को उन प्रोडक्ट के बारे में बताते है , कंपनी को एरिया वाइज स्थापित करते है इससे कंपनी को सेल मिलती है और कंपनी की ग्रोथ भी अच्छी होती है | 

कम्पनी के जो एसोसिएट होते है उनको कराई गयी प्रत्येक सेल पर कमीशन प्राप्त होता है | इनसब एसोसिएट को कम्पनीज ट्रेंड करती है और इसके लिए एक तय फीस उन्हें पहले चुकानी होती है और ये रकम ज्यादा नहीं होती है 30 से 40 रूपए के बिच में ये फीस होती है और फिर जो भी सेल होती है उससे हमे कमीशन प्राप्त होता है | और जीतनी मेहनत हम करते है उतनी कमाई होती है और ये लाखो में भी हो सकती है | 

सोलर एनर्जी डीलरशिप (Solar energy dealership)

सोलर एनर्जी बिज़नेस को स्टार्ट करने के लिए हम कम्पनीज की dealership ले सकते है और अपने लोकल मार्किट के उस कंपनी के सोलर प्रोडक्ट सेल कर सकते है | जो लोकल दुकाने होती है उन्हें डीलर्स ही प्रोडक्ट सप्लाई करते है | 

डीलर्स बनने के लिए हमारे पास मार्केट में जाने के लिए सेल्स पर्सन की जरुरत होती है जो की हमारे लिए शॉप्स से आर्डर ला सके | 

डीलर्स बनने के लिए हर कंपनी के लिए अपने अपने नियम होते है और जो पेमेंट या निवेश होता है वो भी लगभग 3 – 4 लाख का होता है और अधिक जानकारी के लिए आप उनकी वेबसाइट पर जाये और वहाँ से सारी डिटेल्स कलेक्ट करे | 

डीलर्स बनने के बाद जो कमाई होती है वो इस बात पर डिपेंड करती है की आप की सेल कितनी होती है ये कमाई हजारो से लाखो तक जा सकती है सब कुछ आप के ऊपर डिपेंड करता है की आप इसके लिए कितनी मेहनत करते है  | 

सोलर एनर्जी फ्रैंचाइजी (solar energy franchise)

जितनी भी कम्पनीज होती है वो आउटलेट खोलने के कोसिस करती है और उसके लिए वो लोकल पार्टनर्स को देखती है जिसके साथ मिलकर ये अपने स्टोर अलग-अलग सिटी में खोलते है | और इन स्टोर्स में केवल उसी कंपनी के प्रोडक्ट होते है और किसी दूसरे के नहीं | इससे कंपनी को उस सिटी में अपना एक बना बना बनाया ऑफिस जैसा मिल जाता है | 

यही हमारे पास में एक और सोलर बिज़नेस opportunity  है जिसे इस्तेमाल करके हम अपना सोलर एनर्जी बिज़नेस चालू कर सकते है | 

इसके लिए हमे कम्पनीज से संपर्क करना होता है फिर उनकी कुछ फीस होती है जो की अलग अलग कंपनी की अलग-अलग होती है उसे डिपाजिट करवाना पड़ता है | मोस्टली ये पेमेंट refundable होता है  जब भी हम फ्रैंचाइज़ी लौटते है तब ये हमे वापस मिल जाती है | 

फ्रैंचाइज़ी में निवेश और प्रॉफिट — फ्रैंचाइज़ी में कंपनी फीस लगभग 50 हज़ार रूपए के आस पास होता है उसके अलावा हमे ऑफिस भी सेटअप करना होता है जिसका खर्च अलग से होता है | और इसे चलाने के लिए कंपनी हमे अलग से ट्रेनिंग देती है जिसके द्वारा हम इस बिज़नेस को करते है | 

इसमें जो हमारा प्रॉफिट मार्जिन है वो हमारी कंपनी के नाम और उसके काम पर डिपेंड करता है और उसके बाद हमारी मेहनत पर और इन सबमे हम प्रोडक्ट सेल करके लाखो में भी इनकम कर सकते है| 

सोलर एनर्जी बिज़नेस एजेंट (Solar energy business agent) 

आप को अगर सोलर एनर्जी बिज़नेस करना है तो ये भी एक बहुत ही अच्छा  सस्ता तरीका है जिसमे हमे कम रूपए लगा कर इस फिल्ड में कार्य कर सकते है और अपनी इनकम स्टार्ट कर सकते है | 

इसमें कई तरह के ट्रेनिगं प्रोग्राम  कंपनी चलाती रहती है जिसे  ज्वाइन करके इस बिज़नेस और कम्पनी के प्रोडक्ट से जुडी जानकारी प्राप्त करते है  ताकि हम अच्छे से मार्केटिंग कर सकते है और प्रोडक्ट को सेल कर सकते है और उसका इंस्टालेशन करके पैसे कमा सकते है | 

और रही निवेश की बात तो इसमें हमे कंपनी का एजेंट बनने के लिए 8-10 हज़ार का खर्च आता है | कमाई इसमें हमारी मेहनत पर डिपेंड करेगी क्योकि जितने कस्टमर हम बना पायेगे उन को प्रोडक्ट सेल कर पायेगे उतना ही कमा पायेगे और हमारी जो कमाई है वो हज़ारो से लाखो में जा सकती है | 

सोलर पैनल इंस्टालेशन बिज़नेस (Solar panel installation business )

सोलर एनर्जी बिज़नेस में जो सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है वो इसका इंस्टालेशन करना क्योकि प्रोडक्ट तो कोई भी पैसे लगाकर सेल कर लेता है लेकिन उसके बाद जो अहम् कार्य होता है वो है उसका इंस्टालेशन करना क्योकि इंस्टालेशन करेगे तब ही तो वो काम आएगा , इंस्टालेशन करने के लिए हमे इसकी टेक्निकल knowledge होना बहुत जरुरी है | इसलिए अगर हमे इसके बारे में टेक्निकल जानकारी है तो हम सोलर पैनल इंस्टालेशन का काम स्टार्ट कर सकते है | 

नए नए सोलर पैनल इनस्टॉल करके और इससे सम्बन्धित कार्य करके हम अच्छी खासी एअर्निंग कर सकते है | क्योकि ये काम हर कोई नहीं कर सकता है | इसमें जो खर्चा है वो स्टाफ रखने का और इंस्टालेशन से जुड़े इक्विपमेंट्स खरीदने का है | 

सोलर एनर्जी ऑडिटिंग बिज़नेस  (Solar energy auditing business)

सोलर एनर्जी ऑडिटिंग बिज़नेस एक तरह से डाटा कलेक्शन बिज़नेस होता है इसमें जो चीज़ हम मुखयतः करते है वो होता है अपने एरिया में ऊर्जा से सम्बन्धित क्या क्या प्रॉब्लम है और उसके solution के लिए हम सोलर पैनल का उपयोग कर सकते है ये सब जानकारिया हम लोगो को दे सकते है | इसके अलावा जो भी सोलर पैनल लगवाने वाला है उसके बारे में जानकारी प्राप्त करे और उसे जानकारी दे कर सोलर पैनल सेल कर सकते है | 

यही इसका मुख्य काम होता है इसकी द्वारा हम कमाई कर सकते है और डाटा कलेक्शन हमारे पास रहने से हम उन लोगो के साथ कनेक्ट रह सकते है और फ्यूचर में जब भी उन्हें सोलर पैनल लगाना हो या  रिपेयरिंग से सम्बंधित कार्य होतो  आप से संपर्क कर सकते है |   

सोलर सिस्टम रिपेयरिंग एंड मेंटिनेंस बिज़नेस  (Solar system repairing and maintenance business )

ये कार्य शुरुआत का नहीं है इसमें  व्यक्ति को सोलर पैनल की टेक्निकल knowledge होना बहुत जरुरी है क्योकि सोलर पैनल लगाने के बाद इसके मेंटेनेंस एंड रिपेयरिंग की जरुरत होती है | तो अगर हमे इसकी जानकारी  हो तो हमे ये काम जरूर करना चाहिये | हमे हमारे आस पास जो  भी सोलर पेनल लगे हुए है उसका रिपेयरिंग और मेंटेनेंस का काम ले सकते है | 

इसमें कमाई भी अछि है और खर्चा भी कम होता है | ये भी एक अच्छा तरीका है सोलर एनर्जी बिज़नेस के फील्ड में उतरने का | 

सोलर एनर्जी बिज़नेस की requirement क्या होती है 

सोलर एनर्जी बिज़नेस को स्टार्ट करने के लिए कुछ लीगल डॉक्मेंट की जरुरत होती है क्योंकि कई तरह के टैक्सेज हमे देने पड़ते है और इसके अलावा ये बिज़नेस सरकारी सब्सिडी से जुड़ा है इसलिए भी हमे इनकी आवश्य्कता होती है | 

ये कुछ डॉक्यूमेंट इस प्रकार है 

1. GST number  / Tin Number 

2. कमेंसमेंट का सर्टिफिकेट 

3. मेमोरेंडम (Memorundum) का एक आर्टिकल 

4. एसोसिएशन (Association) का एक आर्टिकल 

इन सभी प्रकार के आर्टिकल (सर्टिफिकेट )की हमे इस बिज़नेस को चालू करने के लिए बेहद जरुरी है | इन सभी सर्टिफिकेट को लेते समय हमे एक दम सही जानकारी उनसे (certificate) सम्बंधित विभाग को सही सही देनी चाहिए अनयथा गलत जानकारी पाए जाने पर वो हमारा लाइसेंस कैंसिल भी कर सकते है |  

सोलर पैनल क्या होते है ? What is solar panel ? 

साधारण भाषा में कहा जाये तो सोलर पैनल सूरज से जो ऊर्जा निकलती है इसको  अवसोसित करके बिजली बनाने का काम करते है| सूरज की जो किरणे होती है जिन्हे हम फोटोन कहते है जब हमारे सोलर पैनल की फोटोवोल्टिक सेल पर गिरती है बस उसी से ही बिजली का निर्माण होता है |  जिसे उनपर लगी हुए बैटरी में स्टोर कर सकते है इन बैटरी को सेल कहते है | 

सोलर सिस्टम क्या होता है ? What is Solar System 

सोलर सिस्टम एक कंबाइंड स्ट्रक्चर होता है जो कई चीज़ो को आपस में मिलाकर बनाया जाता है इसमें सोलर पैनल आता है , इन्वर्टर आते है , बैटरी आती है और तार आते है | इन सब चीज़ो को जब आपस में एक जगह पर तैयार किया जाता है या जोड़ा जाता है उसे ही सोलर सिस्टम कहते है | 

सोलर सिस्टम कितने प्रकार के होते है ? How many types of solar system ? 

सोलर सिस्टम के बारे में तो आप ने जान ही लिया है इसके अलावा अब ये जान लेते है की ये होते कितने प्रकार के है क्योकि ये भी एक आवशयक है की सोलर सिस्टम कितने प्रकार के होते है | 

सोलर सिस्टम मुखयतःदो प्रकार के होते है —

१. ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम  — ये एक इस प्रकार का सोलर सिस्टम होता है जो की बिजली के खम्बो से जुड़ा रहता है और इनको नेट मीटर से चलाया जाता है | ये पूरी तरह फ्री सिस्टम नहीं है इसको चलाने के लिए बिजली की आवस्यकता होती है | 

२. ऑफ ग्रिड सोलर सिस्टम — ये एक दूसरे प्रकार सोलर सिस्टम है इसमें चलने के लिए किसी बिजली के आव्सय्कता नहीं है ये अपने तरीके से फ्री में भी चला सकते है | 

सोलर पैनल कितने प्रकार के होते है ? How many types solar panel

  सोलर पैनल के बारे में हमने जान लिया कि ये कैसे काम करता है अब हम ये भी जान लेते है की ये कितने प्रकार के होते है और इनमे से सबसे अच्छा वाला कोनसा है और सबसे लो क्वालिटी वाला कोनसा है | ये सोलर पैनल मैनली 3 प्रकार के होते है 

Microcrystalline solar panel 

ये पूर्ण तरह से सिलिकॉन क्रिस्टल  की पतली परत से बनी होती है और इसकी जो क्वालिटी होती है काफी अछि होती है इस प्रकार के सोलर पैनल महगे भी बहुत ज्यादा होते है लेकिन इसके साथ ही ये अधिक मात्रा में बिजली का उत्पादन भी करते है | बारिश और ख़राब मौसम में भी ये अच्छा काम करते है | 

Polycrystalline solar panel 

जैसा की नाम से पता चल रहा की ये कई प्रकार की क्रिस्टिल से मिलकर बना होता है | इसीलिए ये थोड़ा सस्ता भी होता है | और इसमें इतने अलग अलग क्रिस्टल लगे होने के कारण ये सूरज के सारी एनर्जी को कन्वर्ट करके बिजली में नहीं बदल पाता है इसकी quality कम होती है और जो बदल या बरसात हो जाये तो ये ज्यादा अच्छे से काम नहीं करते है | 

Thin film solar panel 

Thin film solar panel पर कई अलग-अलग प्रकार के क्रिस्टल की परते चढ़ी होती है जिसमे कांच और अन्य धातुएं होती है इसकी क्वालिटी भी बहुत लोअर होती है और ये बिजली भी उतनी प्रोडूस नहीं क्र पता है जितनी की माइक्रोक्रिस्टल सोलर पैनल करता है | इसके अलावा बारिस और ख़राब मौसम में ये काम नहीं करता है | 

सोलर पैनल लगाने पर खर्च कितना होता है ?

एक किलोवाट का सोलर पैनल लगाने में हमे लगभग 1 लाख का खर्चा आता है जिसमे हमे 30 प्रतिशत की सरकारी सब्सिडी प्राप्त हो जाती है इससे ये हमारे लिए लगभग 70 हज़ार का पड़ता है | 

इसके अलावा अलग अलग स्टेट्स में इसके लिए अलग अलग सब्सिडी स्कीम होती है और अलग-अलग कम्पनीज के सोलर पैनल की रेट भी अलग – अलग होती है | 

हम चाहे तो 1 से लेकर 10 किलोवाट तक का सोलर पैनल भी लगवा सकते है और अगर हमे केवल हमारे बिजली के बिल को ही कम करने की जरुरत है तो हम इसे छोटा भी लगा सकते है इससे हमारा कम खर्च में भी काम हो जाएगा | 

What is rooftop solar panel ? (रूफटॉप सोलर पैनल क्या है )

रूफटॉप सोलर पैनल भी एक सोलर सिस्टम ही है जो की छतो पर लगाया जाता है इसमें हमारी जरूरतों के अनुसार सोलर पैनल लगाए जाते है | यानि की 1 से लेकर 10 kw तक का सोलर प्लांट तैयार करके लगा सकते है | 

रूफटॉप सोलर पैनल पर हमे सरकारी सब्सिडी भी मिलती है ये अलग-अलग स्टेट्स में अलग-अलग होती है कहि 20 तो कहि 40 प्रतिसत सब्सिडी मिलती है | 

सब्सिडी लेने के लिए हमे सरकार के जो भी guideline उसको फॉलो करना पड़ता है उसके लिए  सम्बंधित विभाग में जाकर फॉर्म लाना पड़ेगा और doucment लगाने पड़ेंगे | 

सोलर पैनल लगाकर  पैसे कैसे कमाये ? How to earn with solar panel

सोलर पैनल लगा कर पैसे भी कमाए जा सकते है इसके लिए ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ेगा | बस हमे सोलर पैनल लगाना है और इस पैनल से जो भी बिजली बनती है उसको आप के आस पास की लोकल बिजली कंपनी को सेल करना स्टार्ट कर सकते है | 

बिजली कंपनी को सेल करने से पहले आपके और कंपनी के बीच में एक परचेस एग्रीमेंट sign होता है जिसमे उस सौदे से सम्बंधित सारी जानकारिया होती है | फिर वो अग्रीमेंट बनाने के बाद आप कंपनी को बिजली सेल कर सकते है उसके बदले में हमे 7 से 8 रूपए पर यूनिट मिलता है | 

अगर आपने 1 किलोवाट का सोलर पैनल लगा रखा है और वो दिन में 10 घंटे चार्ज होता है तो लगभग 10 यूनिट बिजली का प्रोडक्शन करता है | तो उस हिसाब से आप अगर एक बिजली कंपनी को बिजली सेल करते है तो आप पर डे 70 रूपए कमाते है 1 किलोवाट के सोलर पैनल से और यही आपके पास जितना बड़ा सेटअप होगा आप उतना ही पैसा कमा पायेगे |   

किसान सोलर प्लांट लगाकर कैसे पैसे कमाये? 

हमारे देश का किसान जो की खेती करता है लेकिन उतनी एअर्निंग नहीं कर पाता है वो अपने खेत के तिहाई हिस्से में सोलर प्लांट लगा कर बिजली सेल कर सकता है और इसके अलावा वो इसमें से अपने लिए भी बिजली प्राप्त कर सकता है | 

सरकार की जो योजना है उसके मुताबिक इसमें किसान और लोकल बिजली कम्पनीज के बीच में एक एग्रीमेंट होता है जिसमे सोलर प्लांट लगाने उसके मेंटेनेंस से सम्बन्धित सारा काम वो बिजली कंपनी ही करती है वो भी खुद के खर्चे पर इसमें किसान को कुछ भी नहीं देना होता है | और किसान को इसके बदले में 1 लाख / महीने का किराया  और 1000 यूनिट / महीने बिजली मुफ्त में मिलती है | 

ये जो सोलर प्लांट है वो खेत के एक तिहाई हिस्से में जमीन से 3.5 मीटर ऊपर लगता है जिससे नीचे खेती की जा सकती है | 

इसके अलावा अगर जमीन बंजर है तो आप अपनी पूरी जमीन देकर भी अच्छी खासी कमाई कर सकते है और ये कमाई जो है लाखो में होती है | 

सोलर एनर्जी में सरकारी योजनाए क्या है ? भारत में सोलर एनर्जी का भविष्य क्या है ? 

सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकारे खूब सारी योजनाए लांच कर रही है क्योकि जिस तरह से ऊर्जा की जरूरते बढ़ती जा रही है और हमारे जो वर्तमान एनर्जी सोर्स है वो सिमित है व लगातार खर्च हो कर ख़तम होते जा रहे है और इन्हे वापस नहीं बनाया जा सकता है क्योकि इनका बनना एक प्राकर्तिक प्रोसेस है जो बहुत लम्बी चलने वाली प्रोसेस है जिसमे बहुत साल लग जाते है | 

इसलिए विंड एनर्जी और सोलर एनर्जी जैसे सोर्स पर फोकस किया जा रहा है ताकि भविषय की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके वो भी पर्यावरण को नुकसान पहुँचाये बिना | 

इसमें केंद्र की सरकार और स्टेट की सरकारे अपने अपने लेवल पर सरकारी योजनाएं चला रहे है ताकि लोग प्रोत्साहित हो और ज्यादा से ज्यादा सोलर एनर्जी का उपयोग करे | 

सोलर एनर्जी सब्सिडी स्कीम इसमें गवर्मेंट घर पर सोलर पैनल लगवाने वाले को सब्सिडी प्रदान करती है ये लगभग 30 से 40 % तक होती है यानि एक 1 किलो वाट के सोलर पैनल का खर्च आता है लगभग 1 लाख आता है उसमे सब्सिडी मिल जाने के बाद हमे ये सोलर पैनल 60 से 70 हज़ार रूपए में पड़ता है | सब्सिडी की रेट स्टेट वाइज अलग-अलग होती है | 

एक और सरकारी प्रोजेक्ट है SECI इसका मुख्य काम रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का है जिससे काफी सारी सोलर एनर्जी बनती है | अगर आप अपने छत पर सोलर पैनल लगवाते है तो इस योजना के अंतर्गत इसके निर्माण और इंस्टालेशन से सम्बंधित आपको सहायता की जाती है | 

इसके अलावा सोलर पैनल लगवाने के लिए अगर पैसे ना हो तो लोन करवाने की सुविधाएं भी गवर्मेन्ट प्रदान कर रही है | 

सब्सिडी लेने के लिए अपने स्टेट के रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट अथॉरिटी डिपार्टमेंट से संपर्क करना चाहिये वहा से आपको इसके बारे में सब डिटेल मिल जाएगी और इसके लिए वही से आपको सब्सिडी प्राप्त करने के लिए फॉर्म मिलेगा जिसे भरकर आप को उस डिपार्टमेंट में जमा करवाना होगा उसके साथ कई डॉक्यूमेंट भी लगेंगे  उस फॉर्म में लिखे होंगे जैसे आधार कार्ड की कॉपी , सोलर पैनल का बिल , इंस्टालेशन के बाद की फोटोज और भी है वो सब आपको उस फॉर्म में मिल जायगी | आप को उसे भरकर उन्हें देना है और डॉक्यूमेंट भी जमा करवा देनी है | 

भारत में सोलर एनर्जी का भविषय काफी अच्छा है क्योकि एक तो यह की भौगोलिक परिस्तिथि काफी अछि है हमारे यह पुरे साल लगभग 300 दिन तक धुप खिलती है इसलिए सोलर पैनल अच्छे वर्क करते है | 

इसके अलावा सरकार का 2022 तक 20000 मेगावाट से 1 लाख मेगावाट तक का सोलर एनर्जी प्रोडूस करने का टारगेट रखा गया है क्योकि इसे आगे का स्मार्ट एनर्जी सोर्स के रूप में देखा जा रहा है | 

नेशनल और इंटरनेशनल हर तरह से इसे एक बेहतर एनर्जी सोर्स के रूप में देखा जा रहा है और इसे बहुत ज्यादा प्रोमोट किया जा रहा है | इंडिया एक बहुत बड़ी आबादी वाला देश है इसलिए इसकी ऊर्जा की जरूरते भी बहुत ज्यादा है यही कारण है इंडिया में इसे बहुत प्रोमोट किया जा रहा है | 

इन सब कारणों से पता चलता है की इस फील्ड में आगे बहुत बड़ा स्कोप नज़र आता है | 

सोलर पैनल का रख रखाव कैसे करते है ? Maintain a solar panel  

सोलर पैनल का रख रखाव करने के लिए ऐसे किसी खास चीज़ की जरुरत नहीं पड़ती है | कुछ सिंपल सी चीज़ो को कर लेने पर आपका सोलर पैनल अच्छे से वर्क करता रहता है | वैसे तो सोलर पैनल 20 से 25 सालो तक कुछ नहीं होता है और सोलर पैनल की बैटरी भी 10 साल में एक बार चेंज करनी पड़ती है | 

हमे ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ता है सोलर पैनल पर से हर 14 दिन में एक बार डस्ट हटाते रहना पड़ता है बाकि तो इस पर टेम्पर ग्लास लगा रहता है और अगर कोई टूट होती है तो हमे तुरंत इसकी कंपनी बता कर सही करवा लेना चाहिए | 

बैटरी को भी साल में १-२ बार चेक करते रहना चाहिए क्योकि बैटरी बहुत ही महत्वपूर्ण पार्ट होता है अगर इसमें कोई भी गड़बड़ी हुई तो फिर पुरे सिस्टम फ़ैल हो सकता है | 

सामान्य सवाल जवाब (FAQ) 

एशिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क कहा है ?

भारत के मप्र राज्य में है | 

क्या सोलर एनर्जी सिस्टम से भी किसी प्रकार के प्रदूषण होने की सम्भवनायें है ?

कोई भी प्रकार के सोलर पैनल प्रदूषण नहीं फैलाते है | 

सोलर एनर्जी का सबसे ज्यादा उपयोग कहा किया जाता है ?

चीन में | 

सोलर एनर्जी (सौर ऊर्जा ) स्थापित करने के लिए आवशयक भौतिक संसाधन कोनसे है ?

सोलर एनर्जी के लिए जिन उपकरण की जरुरत होती है वो क्रमशः इस प्रकार है 
सोलर प्लेट्स – सोलर एनर्जी को अवसोसित करने का काम करती है | 
बैटरी – जीतनी भी सोलर एनर्जी सोलर प्लेट्स से अवसोसित की जाती है वो इसी में संग्रहित की जाती है जैसे रात के समय में सोलर पैनल काम नहीं करते है तब यही सग्रहित एनर्जी बिजली बनाने के काम आती है | 
कनवर्टर – कनवर्टर का काम ये होता है की ये जो स्टोर की हुई एनर्जी होती है उसी को काम में आने लायक AC करंट में कनवर्ट करता है | 

सौर ऊर्जा बनाने में खर्चा कितना आता है या सोलर पैनल लगाने में खर्चा कितना होता है ?

वैसे तो सोलर पैनल 1 से 10 किलोवाट तक के होते है और 1 किलोवाट पर जो खर्चा आता है सब्सिडी मिलने के बाद वो लगभग 60 से 70 हज़ार तक का होता है

एशिया का सबसे बड़ा सोलर एनर्जी सिस्टम कहाँ लगा हुआ हैं ? 

भारत में | 

सोलर एनर्जी से पैसे कैसे कमाए ? 

सोलर एनर्जी से पैसे कमाने के लिए आपको लोकल बिज़नेस कम्पनीज से पावर परचेस एग्रीमेंट तैयार किया जाता है फिर वो कंपनी आप से बिजली खरीदती है और उसके लिए वो आपको 7-8 रूपए पर यूनिट का पेमेंट करती है | 

तो ये था सोलर एनर्जी और सोलर पैनल बिज़नेस क्या है इसे कैसे शुरू करे से सम्बन्धित ब्लॉग उम्मीद करता हु आप को पसंद आया होगा | आपके कोई भी सुझाव है तो वो बताये आपके सुझाव ही मेरी ब्लॉग्गिंग को सही करने का काम कर सकते हैं | 

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